श्रीगणेश पूजन विधि

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श्रीगणेश की मूर्ति, चावल, कुमकुम, दीपक, धूपबत्ती, दूध, दही, घी, शहद, शकर, साफ जल, श्री गणेश के लिए वस्त्र, सफेद फूल, नैवेद्य (मिठाई और फल), अष्टगंध।

संकल्प

किसी विशेष मनोकामना के पूरी होने की इच्छा से किए जाने वाले पूजन में संकल्प की जरूरत होती है। निष्काम भक्ति बिना संकल्प के भी की जा सकती है।
 
 
 
पूजन शुरू करने से पहले सकंल्प लें। संकल्प करने से पहले हाथों में जल, फूल व चावल लें। सकंल्प में जिस दिन पूजन कर रहे हैं उस वर्ष, उस वार, तिथि उस जगह और अपने नाम को लेकर अपनी इच्छा बोलें। अब हाथों में लिए गए जल को जमीन पर छोड़ दें।

संकल्प का उदाहरण

जैसे 21/4/2015 को श्रीगणेश पूजन किया जाना है। तो इस प्रकार संकल्प लें।
मैं (अपना नाम बोलें) विक्रम संवत् 2072 को, वैशाख मास के तृतीया तिथि को मंगलवार के दिन, कृतिका नक्षत्र में, भारत देश के मध्यप्रदेश राज्य के उज्जैन शहर में महाकालेश्वर तीर्थ में श्री गणेश का पूजन कर रही / रहा हूं। श्री गणेश मेरी मनोकामना (मनोकामना बोलें) पूरी करें।

श्रीगणेश पूजन सरल विधि

सबसे पहले मूर्ति में श्रीगणेश का आवाहन करें। आवाहन यानी कि बुलाना। श्रीगणेश को अपने घर बुलाएं। श्री गणेश को अपने घर में सम्मान सहित स्थान देें। यानी कि आसन दें। अब श्री गणेश को स्नान कराएं। स्नान पहले जल से फिर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शकर) से और वापिस जल से स्नान कराएं।
अब श्रीगणेश को वस्त्र पहनाएं। वस्त्रों के बाद आभूषण और फिर यज्ञोपवित (जनेऊ) पहनाएं। अब पुष्पमाला पहनाएं। सुगंधित इत्र अर्पित करें। अब तिलक करें। तिलक अष्टगंध या सिन्दूर से करें। अब धूप व दीप अर्पित करें। आरती करें। आरती के पश्चात् परिक्रमा करें। अब नेवैद्य अर्पित करें। पान अर्पित करें। नेवैद्य में पंचामृत अर्पित करें। लड्डओं का या गुड़ का भोग लगाएं। दूर्वा अर्पित करें। अब दक्षिणा अर्पित करें। श्रीगणेश पूजन के इस पूरे विधान में “ऊँ गं गणपतये नमः” मंत्र का जप करते रहें।
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