आराध्य देव नारायण को समर्पित हैं सफला एकादशी, जानें इसकी व्रत विधि

पौष का महीना चल रहा हैं और इस महीने की एकदशी को सफला एकादशी के नाम से जाना जाता हैं जो कि आराध्य देव नारायण को समर्पित होती हैं। साल 2019 में इस बार यह व्रत दूसरी बार आ रहा हैं। प्रथम बार 1 जनवरी को और दूसरी बार 22 दिसंबर को सफला एकादशी का व्रत होने जा रहा हैं। मनुष्य को पांच सहस्र वर्ष तपस्या करने से जिस पुण्य का फल प्राप्त होता है, वही पुण्य श्रद्धापूर्वक रात्रि जागरण सहित सफला एकादशी का उपवास करने से मिलता है। आज हम आपको इस व्रत की पूर्ण व्रत विधि के बारे में बताने जा रहे हैं। तो आइये जानते हैं इसके बारे में।

सफला एकादशी व्रत विधि

पद्म पुराण के अनुसार सफला एकादशी के दिन भगवान विष्णु का विधि- विधान व विशेष मंत्रों के साथ पूजन किया जाता है। सफला एकादशी के दिन उपवास करना चाहिए। दीप, धूप, नारियल, फल, सुपारी, बिजौरा, नींबू, अनार, सुंदर आंवला, लौंग, बेर, आम आदि से भगवान श्रीहरि की आराधना करनी चाहिए।

पूजा करने बाद भगवान विष्णु की आरती कर भगवान को भोग लगाना चाहिए। भोग लगाने व प्रसाद वितरण के बाद ब्राह्मण को भोजन करना चाहिए। पद्म पुराण के अनुसार सफला एकादशी के दिन दीप दान करने का विशेष विधान है। सफला एकादशी का व्रत अपने नाम के अनुसार फल देता है। हिन्दू धर्मानुसार इस व्रत के पुण्य से मनुष्य के सभी कार्य सफल होते हैं और उसके पाप खत्म हो जाते हैं।

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