गणेश चतुर्थी 2018 : इस शुभ संयोग में हो रहा है गणपति बप्पा का आगमन

गणेश चतुर्थी का आगमन स्वाति नक्षत्र में बृहस्पतिवार के दिन हो रहा है। इस बार की गणेश चतुर्थी पर उन लोगों को बहुत राहत मिलेगी जो राहु से पीड़ित हैं। जिनके जीवन में स्थिरता नहीं है या फिर जो बार-बार मेहनत करने के बाद भी असफल हो रहे हैं, उनके लिए यह गणेश चतुर्थी बहुत शुभता प्रदान करने वाली है।सालों बाद बना ग्रहों का दुर्लभ संयोग
चंद्रमा का तुला राशि में होना अत्यंत शुभकारी है, क्योंकि तुला राशि में बृहस्पति, शुक्र और चंद्रमा का बहुत ही दुर्लभ संयोग बना हुआ है।

शुभ संयोग से पूरे होंगे संकल्प
स्वाति नक्षत्र जिसका स्वामी राहु है और इस नक्षत्र में गणपति स्थापना और पूजा करना धनदायी होता है, स्थिरता प्रदान करता है। तुला राशि में चंद्रमा बृहस्पति और शुक्र का संयोग सभी मनोकामना को पूर्ण करने वाला है। ऐसी स्थिति में आप जिस संकल्प से गणपति महाराज की पूजा करेंगे वो संकल्प अवश्य पूर्ण होगा।

खुशहाली के लिए करें ये उपाय
तिथि, नक्षत्र और चंद्रमा की स्थित देखते हुए घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरन बांधे, घर में प्रेम और ख़ुशहाली बनी रहेगी।

माला से दूर होगा कर्ज और मर्ज 
दूर्वा की माला सफ़ेद धागे में बाँध कर गणपति महाराज को समर्पित करने से मर्ज और क़र्ज़ से मुक्ति मिलेगी और राहु का दोष समाप्त होगा।

करें केसर का तिलक
केसर का तिलक लगाने से गुरु दोष समाप्त होगा और विद्या, प्रतियोगिता और नौकरी—व्यवसाय में सफलता मिलेगी।

अर्पित करें पान
गणपति को पान अर्पित करने से सभी प्रकार की ख़ुशी प्राप्त होती है और संतान सुख की प्राप्ति होती है।

ज़रूर चढ़ाएं जनेऊ
गणपति को जनेऊ चढ़ाने से आप और आप के घर के सभी सदस्य सुरक्षित रहेंगे। रोग और दुर्घटना से बचे रहेंगे।

गणेश जी की प्रिय चीज है 'सुपारी', इसके उपाय से खुल जाएगी आपकी किस्मत
जानिए राम जी का जन्म कब, कहां और कैसे हुआ

Check Also

जानिए हिन्दू धर्म में मुंडन का विधान, क्या हैं इसके शारीरिक और धार्मिक लाभ

हिन्दू धर्म में मुंडन का विधान है। यह सोलह मुख्य संस्कारों में आठवां संस्कार है। …