इस वर्ष में भगवान राम ने धरती पर लिया था जन्म…

सदियों से भगवान राम की कथा भारतीय संस्कृति में रची बसी है, लेकिन हर बार ये सवाल उठता है कि आखिर लोगों में पूजे जाने वाले राम जी का जन्म कब, कहां और कैसे हुआ. ठीक उसी तरह लोग भगवान कृष्ण की जन्म गाथा के बारे में जानना चाहते हैं. आज हम आपके इस सवाल का जवाब देंगे कि आखिर कब भगवान राम और भगवान कृष्ण ने जन्म लिया था.

वैज्ञानिक संस्था “आई” ने बताई जन्म तिथि

पुराणों और वेदों की मानें तो पांचवी से चौथी शताब्दी ईसा पूर्व जिसे ऋग्दवेद का काल कहा जाता है, तभी महर्षि वाल्मिकी ने रामायण की रचना की थी. कई बार इसपर बहस होने के बाद आखिर इस बात के सच होने का वैज्ञानिक प्रमाण मिल गया है. भगवान राम पर वैज्ञानिक संस्था “आई” ने जब शोध किए तो उन्हें कुछ चौंकाने वाले साक्ष्य मिले. “आई” संस्था के मुताबिक वाल्मीकि रामायण के अनुसार राम का जन्म चैत्र मास के शुक्लपक्ष की नवमी तिथि को पुनर्वसु नक्षत्र और कर्क लग्न में हुआ था. यानी जिस दिन भगवान राम का जन्म हुआ उस दिन अयोध्या के ऊपर तारों की सारी स्थिति का साफ-साफ जिक्र है.

कब हुआ भगवान कृष्ण जन्म का

भागवत महापुराण के अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म 8वें मनु वैवस्वत के मन्वंतर के 28वें द्वापर में भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की रात में 8वें मुहूर्त में आधी रात को भगवान कृष्ण ने देवकी के गर्भ से जन्म लिया था. भगवान कृष्ण का जन्म साल 2016 से 5128 साल पहले अर्थात 3112 ईसा पूर्व को हुआ था. उनके जन्म के अनुसार महाभारत का युद्ध 3000 ई° पूर्व में हुआ होगा जो पुराणों की गणना में सटीक बैठता है

पुराणों में बताया गया है कि जब श्री कृष्ण का स्वर्गवास हुआ तब कलयुग का आगमन हुआ. श्री कृष्ण की मौत एक तीर लगने से हुई थी और माना जाता है कि उस वक्त उनकी उम्र करीब 119 वर्ष के आसपास थी. पुराणों में माना गया है कि उनका जन्म ही इसलिए हुआ था ताकि कलयुग का प्रारंभ हो सके.

 

 

 

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