जानिए, भगवन राम के जीवन से जुड़े ये खास रहस्य…

हिन्दू धर्म में पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन के बारे में कौन नहीं जानता होगा ? लेकिन क्या आप उनके कुछ ऐसे रहस्य को जानते है जो की अभी तक कोई नहीं जानता | अगर आप उनकी कुछ अनसुनी बाते नहीं जानते तो हम आपको उनसे जुडी हुई कुछ रोचक बाते बताता हूँ जिसके द्वारा आप राम जी के चरित्र के बारे में बहुत कुछ जान सकते है | बहगवां श्रीराम जी के कुछ ऐसे रहस्य जो की हमारे लिए बहुत रोचक है और जिन्हे जानकर हम हिन्दू धर्म के बारे में बहुत कुछ जान सकते है | तो आइये हम आपको हिन्दू धर्म के भगवान् श्रीराम के जीवन से जुड़े कुछ तथ्य बताते है |

भगवान श्रीराम राम की बहन

आज तक आप लोगो ने केवल यही सुना होगा की भगवान श्रीराम की के तीन भाई लक्ष्मण, भारत और शत्रुध्न थे लेकिन क्या आप जानते है की उनकी एक बहन भी थी जो की उन सब भाइयो में सबसे बड़ी थी | उनकी बहन का नाम शांता था जो की राजा दशरथ और कौशल्या की पुत्री थी राजा दशरथ ने पैदा होने के कुछ समय बाद किसी कारणवश उन्हें अंगदेश के राजा रोमपद को दे दिया था | तब से उनका पालन पोषण राजा रोमपद और पत्नी वर्षिणी ने किया था वर्षिणी कौशल्या और राम की मौसी थी |

प्रभु राम का जन्म

एक शोध के अनुसार राम जी का जन्म 7128 वर्ष पूर्व यानि 5114 ईंसवी पूर्व में हुआ था और अन्य विशेषज्ञों के अनुसार श्रीराम जी का जन्म आज से लगभग 9,000 वर्ष (7323 ईसा पूर्व) हुआ था | लेकिन हिंदी पंचांग के अनुसार चैत्र माह की नवमी के दिन ही इनका जन्म मनाते है और तब से ही पुरे देश में राम नवमी मनाई जाती है |

सीता का परित्याग नहीं किया था

श्रीराम के वनवास के दौरान माता सीता दो साल तक अशोक वाटिका में कैद रही थी लेकिन रावण ने फिर भी उन्हें अपने शाप के कारणवश छुआ तक नहीं था | जब राम ने माता सीता को रावण की कैद से मुक्त कराया तो प्रसन्न भाव ने उन्होंने माता सीता को ग्रहण किया | मूल रामायण के अनुसार माता सीता ने अपनी पवित्रता के लिए अग्निपरीक्षा भी दी लेकिन उसके बाद भी जनसमुदाय में तरह-तरह की बातें बनाई जाने लगीं लेकिन भवगवान राम ने माता सीता को कभी नहीं छोड़ा |

तारणहार भगवान राम का नाम

भगवान राम की महिमा कौन नहीं जनता लेकिन भगवान राम से भी बड़ा उनका नाम है अगर कोई व्यक्ति केवल राम नाम का जाप करता है तो उसके अंदर ऊर्जा का संचार होता है इसीलिए ग्रंथो में भी राम से बड़ा उनका नाम बताया है | आपके सारे दुःख हरने वाला सिर्फ एकमात्र नाम है- ‘हे राम।’राम या मार : ‘राम’ का उल्टा होता है म, अ, र अर्थात ‘मार’। ‘मार’ बौद्ध धर्म का शब्द है। ‘

राजा राम या भगवान

भगवान राजा है या भगवान हिन्दू धर्म के आलोचकों द्वारा यह बात कही जाती है क्योकि भगवान राम हिन्दू धर्म के एक मज़बूत आधार स्तम्भ है | कुछ लोगो द्वारा कहा जाता है की उन्हें अपने जीवन में अपनी स्त्री को बचाने के लिए ही कार्य किये उन्होंने धर्म और समाज के लिए क्या कार्य किये है लकिन अधिकतर लोग यह भी जानते है की उन्हें चौदह साल का वनवास हुआ था इस दौरान उन्होंने देश के सभी आदिवासी और दलितों को संगठित करने का कार्य किया और उनको जीवन जीने की शिक्षा दी। इस दौरान उन्होंने सादगीभरा जीवन जिया।

सबसे ज्यादा ग्रन्थ भगवान राम पर लिखे

दुनियाभर में सबसे ज्यादा ग्रन्थ भगवान राम के नाम पर ही लिखे जाते है भारत में महर्षि वाल्मीकि द्वारा रामायण ऊपर गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रामचरितमानस लिखी जा चुकी है इसके अलावा दुनियाभर के अलग-2 भाषाओ और देशो मिल भाषा में कम्बन रामायण, असम में असमी रामायण, उड़िया में विलंका रामायण, कन्नड़ में पंप रामायण, कश्मीर में कश्मीरी रामायण, बंगाली में रामायण पांचाली, मराठी में भावार्थ रामायण। कंपूचिया की रामकेर्ति या रिआमकेर रामायण, लाओस फ्रलक-फ्रलाम (रामजातक), मलेशिया की हिकायत सेरीराम, थाईलैंड की रामकियेन और नेपाल में भानुभक्त कृत रामायण आदि प्रचलित हैं।

भगवान राम के काल के महत्वपूर्ण लोग

भगवान राम के काल में हमारे ढिन्दु धर्म से संबंदेहित कई महत्वपूर्ण लोग हुआ करते थे उनके काल में भगवान परशुराम, महान ऋषि वाल्मीकि, राक्षसों के राजा रावण, माता सीता, राजा दशरथ और उनकी तीन पत्निया, और तीन भाई, लक्ष्मण, भरत और शत्रुध्न इसके अलावा माता सीता को रावण की कैद से छुड़ाने के लिए संपाति, जटायु, हनुमान, सुग्रीव, विभीषण, मैन्द, द्विविद, जाम्बवंत, नल, नील, तार, अंगद, धूम्र, सुषेण, केसरी, गज, पनस, विनत, रम्भ, शरभ, महाबली कंपन (गवाक्ष), दधिमुख, गवय और गन्धमादन आदि महत्वपूर्ण और शक्तिशाली लोग भी थे |

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