नवमी के ऐसे करे माँ शारदीय की पूजा, बनेंगे आपके सभी बिगड़े काम

आश्विन शुक्ल नवमी यानि शारदीय नवरात्र नवमी पर देवी सिद्धिदात्री का पूजन किया जाएगा। सिद्धिदात्री व्यक्ति की आत्मा को संबोधित करती हैं। यही संपूर्ण जगत को रिद्धि-सिद्धि देती हैं। कमलासन, रक्तवर्ण वस्त्र धारिणी सिद्धिदात्री शेर पर सवार हैं। स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित चतुर्भुजी देवी ने चक्र, गदा शंख, कमल धारण किए हुए हैं। कालपुरूष व वास्तुपुरुष सिद्धांतानुसार केतु ग्रह व आकाश दिशा की स्वामिनी सिद्धिदात्री व्यक्ति की कुंडली के द्वादश और द्वितीय भाव पर सत्ता से रिद्धि-सिद्धि, सौभाग्य, हानि, व्यय, सिद्धि, धन, सुख व मोक्ष पर स्वामित्व रखती हैं। इनकी पूजा नवधान, नौ केले व नौ रंग-बिरंगे फूलों से करते हैं। इनकी साधना से अष्टसिद्धि, नवनिधि, तांत्रिक सिद्धियां वशीकरण में सफलता मिलती है।  

स्पेशल पूजन विधि: पूजा घर में पीला-लाल कपड़ा बिछाकर उस पर नवदुर्गा सहित सिद्धिदात्री का चित्र रखकर विधिवत पूजन करें। गौघृत में केसर व इत्र मिलाकर दीपक करें, नौ अलग अगरबत्ती जलाकर धूप करें, भभूत चढ़ाएं, नौ प्रकार के फूल-पत्ते चढ़ाएं, अष्ट गंध चढ़ाएं, 9 फल चढ़ाएं, नवधान की खिचड़ी, कंध मूल, सब्ज़ी पूड़ी सहित नौ पकवान का भोग लगाएं तथा 1 माला इस विशेष मंत्र की जाप करें। पूजन उपरांत कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोग खिलाकर कंजक पूजन कर दक्षिणा दें।

प्रातः का पूजन मुहूर्त: सुबह 07:45 से सुबह 08:45 तक।

रात का पूजन मुहूर्त: शाम 19:10 से रात 21:10 तक।

सिद्धिदात्री पूजन मंत्र: ॐ सिद्धिदात्री देव्यै: नमः॥

वशीकरण में सफलता पाने के लिए: भोजपत्र पर अनार की कलम से अष्टगंध की स्याही द्वारा जातक का नाम लिखकर देवी सिद्धिदात्री पर चढ़ाएं। इसके बाद इसे शहद में डिबोकर पीपल के नीचे गाड़ दें।

गुड हेल्थ के लिए: देवी सिद्धिदात्री पर 9 अलग-अलग फलों का भोग लगाकर गरीबों में बांटे।

गुडलक के लिए: मौली में 9 अलग-अलग पत्ते पिरोकर देवी सिद्धिदात्री पर माला चढ़ाएं।

विवाद टालने के लिए: देवी सिद्धिदात्री पर लाल-पीले-सफ़ेद फूल चढ़ाकर जल प्रवाह करें।

नुकसान से बचने के लिए: पीपल के पत्ते पर चंदन से “वं” लिखकर जलप्रवाह करें। 

प्रोफेशनल सक्सेस के लिए: हल्दी की माला से “ॐ दुर्गापरमेश्वर्यै नमः” मंत्र का जाप करें।

एजुकेशन में सक्सेस के लिए: अष्टगंध से नोटबुक पर “नववर्ण” लिखें। 

बिज़नेस में सफलता के लिए: देवी सिद्धिदात्री पर चढ़ी सतरंगी ध्वजा ऑफिस की उत्तर-पूर्व दिशा में लगाएं। 

पारिवारिक खुशहाली के लिए: कमल पुष्प हाथ में लेकर ॐ त्रिलोकपालिन्यै नमः मंत्र का जाप करें।

लव लाइफ में सक्सेस के लिए: देवी सिद्धिदात्री पर चढ़े 5 अलग-अलग फूल चढ़ाएं।

मैरिड लाइफ में सक्सेस के लिए: दंपत्ति सिद्धिदात्री पर सौंफ, इलायची, लौंग, सुपारी व मिश्री का तांबूल अर्पित करें।

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