मांगलिक कार्यो में बनाए जाने वाला स्वास्तिक, दूर कर सकता है जीवन की सभी बाधाएं

 मांगलिक कार्य की शुरुआत के लिए  सबसे पहले स्वास्तिक बनाया जाता है जिसे धार्मिक रूप से बहुत ही शुभ माना जाता हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि स्वास्तिक से जुड़े कई ज्योतिषीय उपाय भी होते है जिन्हें जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए काम में लिया जाता है और जीवन को खुशियों से भरा जा सकता हैं। आज हम आपको स्वास्तिक से जुड़े उन्हीं उपायों के बारे में बताने जा रहे है कि किस तरह इन्हें संपन्न किया जा सकता हैं। 

 

 

तो आइये जानते है इनके बारे में।

* मनोकामना सिद्धि हेतु 

मन्दिर में मनोकामना सिद्धि हेतु गोबर या कुमकुम से उल्टा स्वास्तिक बनाया जाता है। फिर जब मनोकामना पूर्ण हो जाती है तो वहीं जाकर सीधा स्वास्तिक बनाया जाता है।

* हल्दी का स्वास्तिक 

ईशान यानी उत्तर-पूर्व में उत्तर दिशा की दीवार पर हल्दी का स्वास्तिक बनाने से घर में सुख और शान्ति बनी रहती है।

* नींद न आए तो 

रात को नींद न आए तो सोने से पहले घर के देव स्थान पर इंडैक्स फिंगर से स्वास्तिक बनाएं। इससे बुरे सपने आने व अनिद्रा की समस्या दूर हो जाती है।

* माँ लक्ष्मी को करे प्रसन्न 

घर के बाहर रंगोली के साथ कुमकुम, सिंदूर या रंगोली से बनाया गया स्वास्तिक मंगलकारी होता है। इसे बनाने से देवी और देवता घर में प्रवेश करते है।

* वास्तु में उपयोगी 

वास्तुशास्त्र में स्वास्तिक को वास्तु का प्रतीक मान गया है। इसकी बनावट ऐसी होती है कि यह हर दिशा से एक समान दिखाए देता है। घर के वास्तु को ठीक करने के लिए स्वास्तिक का प्रयोग किया जाता है। घर के मुख्य द्वार के दोनों और अष्ट धातु और उपर मध्य में तांबे का स्वास्तिक लगाने से सभी तरह का वस्तुदोष दूर होता है। वास्तुदोष दूर करने के लिए 9 अंगुल लंबा और चौड़ा स्वास्तिक सिंदूर से बनाने से नकारात्मक ऊर्जा सकारात्मकता में बदल जाती है।

* देवता को प्रसन्न करें 

स्वास्तिक बनाकर उसके ऊपर जिस भी देवता की मूर्ति रखी जाती है वह तुरन्त प्रसन्न होता है। यदि आप अपने इष्ट देव की पूजा करते है तो उस स्थान पर स्वस्तिक जरूर बनाएं।

* बेहद शुभ है लाल रंग का स्वास्तिक 

यदि कोई मांगलिक कार्य करने जा रहे हैं तो लाल रंग का स्वास्तिक बनाएं। इसके लिए केसर, सिंदूर, रोली और कुंकुम का इस्मेमाल करें।

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