हिंदू पंचांग के अनुसार, साल का आखिरी महीना यानी फाल्गुन की शुरुआत 2 फरवरी से हो रही है। यह महीना भगवान शिव, श्री कृष्ण और चंद्र देव की पूजा के लिए समर्पित है। इसी महीने में महाशिवरात्रि और होली जैसे महापर्व मनाए जाते हैं। फाल्गुन का महीना ऋतु परिवर्तन का भी संकेत है, इसलिए इस दौरान भक्ति के साथ-साथ जीवन में भी कुछ बदलाव करना जरूरी होता है। आइए जानते हैं इस पावन महीने में सुख-समृद्धि के लिए आपको क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए?
फाल्गुन महीने में क्या करें?
फाल्गुन के महीने में भगवान कृष्ण की पूजा बहुत फलदायी मानी जाती है। ऐसे में उन्हें रोजाना गोपी चंदन चढाएं।
यह महीना भगवान शिव को समर्पित व महाशिवरात्रि का साक्षी होता है। ऐसे में इस पूरे महीने शिवलिंग पर सफेद फूल और बिल्व पत्र चढ़ाएं।
फाल्गुन महीने में वरुण देव की उपासना भी करनी चाहिए।
इस महीने में अपनी क्षमतानुसार शुद्ध घी, तिल, कपड़े और सरसों के तेल का दान करना चाहिए।
यह महीना आनंद का प्रतीक है, इसलिए इस महीने खुश रहें और खुशियां बांटें। साथ ही हल्के रंगों के कपड़े पहनें।
फाल्गुन महीने में क्या न करें?
फाल्गुन में सूर्योदय से पहले उठने का विशेष महत्व है। सुबह देर तक सोने से शरीर में आलस्य बढ़ता है और ग्रहों का शुभ प्रभाव कम होता है।
आध्यात्मिक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए इस पूरे महीने तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए।
यह प्यार का महीना है। ऐसे में इस दौरान किसी का अपमान न करें और वाद-विवाद से बचें, वरना घर की बरकत जा सकती है।
इस माह मौसम बदल रहा होता है, इसलिए बहुत अधिक और बासी खाना खाने से बचना चाहिए ताकि स्वास्थ्य अच्छा रहे।
फाल्गुन महीने के प्रमुख त्योहार
04 मार्च – होली
03 मार्च – होलिका दहन
15 फरवरी – महाशिवरात्रि
27 फरवरी – आमलकी एकादशी
Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।