धार्मिक मान्यता के अनुसार, रुद्राक्ष को महादेव का स्वरूप गया गया है। इसको पहनने से व्यक्ति को महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही प्रभु की कृपा से जीवन में खुशियों का आगमन होता है। इसको पहनने के कड़े नियम है। ऐसा माना जाता है कि रुद्राक्ष पहनने पर नियम का पालन न करने से व्यक्ति को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं रुद्राक्ष पहनने के नियम के बारे में।
इन लोगों को नहीं पहनना चाहिए रुद्राक्ष?
अगर आप शमशान या फिर किसी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले रुद्राक्ष को उतारकर मंदिर में रख दें। रुद्राक्ष की माला को मृत्यु और सूतक के दौरान नहीं पहनना चाहिए।
अगर आपके घर में किसी बच्चे का जन्म हुआ है, तो रुद्राक्ष को उतार दें।
इसके अलावा रुद्राक्ष पहनकर सोना वर्जित है। इसलिए सोने से पहले रुद्राक्ष को उतारकर किसी साफ जगह पर रख दें।
अगर आप मांस, मदिरा या तामसिक भोजन का सेवन कर रहे हैं, तो रुद्राक्ष को उतार रख दें। एक महत्वपूर्ण बात बता दें कि रुद्राक्ष धारण करने वाले जातक को मांस, मदिरा या तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
रुद्राक्ष पहनने के नियम
रुद्राक्ष को पहनने से पहले इसे कच्चे दूध और गंगाजल से शुद्ध करें।
इसके बाद धारण करें। इस दौरान ॐ नमः शिवाय मंत्र जप करें।
रुद्राक्ष को लाल या पीले रेशमी धागे में धारण करना शुभ माना जाता है।
किसी का उतरा हुआ रुद्राक्ष धारण नहीं करना चाहिए और न ही किसी को पहनने के लिए अपना रुद्राक्ष न दें।
रुद्राक्ष धारण करने के लाभ
धार्मिक मान्यता के अनुसार, रुद्राक्ष पहनने से जातक को मानसिक शांति मिलती है।
महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आत्म-विश्वास में वृद्धि होती है।
जीवन के सभी संकट दूर होते हैं।
नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं।
जातक की किस्मत चमक सकती है
अशुभ प्रभाव कम होता है।
रुद्राक्ष धारण करने के लिए शुभ दिन
अगर आप रुद्राक्ष धारण करना चाहते हैं, तो इसके लिए सोमवार का दिन शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन महादेव को प्रिय है। इसके अलावा सावन सोमवार या फिर महाशिवरात्रि के दिन भी पहन सकते हैं।
Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।