जूतों के साथ घर में प्रवेश करना पड़ सकता है आपकी सेहत के लिए मंहगा

भारतीय वास्तु उपायों की तरह चीन की फेंगशुई भी सकारात्मक ऊर्जा के संवर्धन और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव पर केंद्रित एक लोकप्रिय विधा है, जिसे आप अनेक घरों में देख सकते हैं. लाफिंग बुद्धा, विंड चाइम, ड्रैगन, कछुए और सिक्कों को आपने अनेक घरों में देखा होगा या इनके बारे में जरूर सुना होगा. कहते हैं, भारतीय वास्तु उपाय और फेंगशुई में एक बहुत बड़ा फर्क है. वह यह कि जब कोई आपको फेंगशुई की वस्तुएं उपहार में देता है, तभी वह आपके और आपके घर के लिए भाग्यशाली माना जाता है.

फेंगशुई के अनुसार, आपके सोने का स्थान तय करता है कि आपका अगला दिन कैसा बीतेगा. इसलिए आपके बेडरूम का संभावित स्थान आपके घर का कोना होना चाहिए. चीन में लोग इस बात को बहुत गंभीरता से लेते हैं और उनका विश्वास है कि ऐसा करने से भरपूर नींद आती है और इस प्रकार से आप स्वस्थ शरीर पा सकते हैं. फेंगशुई के अनुसार क्रिस्टल या मिटटी के कछुए को भी घर में रखना प्रगति और स्वास्थ्य की दृष्टि से शुभ संकेत होता है.

फेंगशुई में तीन टांगों वाला मेंढक बहुत भाग्यशाली माना जाता है. मुंह में सिक्के लिए हुए तीन टांगों वाले मेढक की उपस्थिति महत्वपूर्ण होती है. इसे घर के भीतर मुख्य दरवाजे के आसपास रखना चाहिए. फेंगशुई में माना जाता है कि घर के आसपास पेड़ लगाने से आप स्वस्थ जीवन और सकारात्मकता पा सकते हैं. लेकिन अगर आप पेड़ नहीं लगा सकते तो अपने घर में लकड़ी से बने बड़े फर्नीचर को जरूर रखें.

फेंगशुई के अनुसार इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि घर हमेशा व्यवस्थित रहे. ऐसा करना शरीर से किसी भी तरह के स्ट्रेस को अपने आप दूर में मदद करता है और आप सभी चीजों के बारे में सकारात्मक महसूस करेंगे. साथ ही, फेंगशुई के अनुसार जूतों के साथ घर में प्रवेश नहीं करना चाहिए. यह माना जाता है कि जूते अपने साथ पूरे दिन की चिंता और तनाव लेकर आते हैं, और उन्हें घर के अंदर ले जाने का मतलब है, उन सभी बुरी ऊर्जा का स्वागत करना और इन बुरी एनर्जी को दूर रखने का अर्थ है अच्छा स्वास्थ्य.

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