उमंग के साथ मनेगी गुरू पूर्णिमा

शुक्रवार को गुरू पूर्णिमा उत्साह और उमंग के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर जहां सुबह से लेकर विभिन्न आयोजन होंगे वहीं गुरू की पूजन कर उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया जाएगा। गुरू पूर्णिमा पर मंदिरों में भी विशेष धार्मिक अनुष्ठान का सिलसिला जारी रहेगा। उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली रही है तथा यहा गुरू शिष्य परंपरा की श्रृंखला भी विद्यमान है, यही कारण है कि गुरू पूर्णिमा यहां उत्साह से मनाई जाती है। नगर के प्रमुख मंदिरोें में तो धार्मिक कार्यक्रम होंगे ही, अन्य कई स्थानों पर भी गुरू पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए है। कहीं शोभा यात्रा निकलेगी तो कहीं गुरू पूजन होगा तो कहीं गुरू की महिमा का बखान भी किया जाएगा। कुल मिलाकर सुबह से लेकर शाम तक नगर में गुरू पूर्णिमा का उत्साह दिखाई देगा। आषढ़ मास की पूर्णिमा के दिन गुरू पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गुरू की पूजा कर उनका सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।

बिना गुरू के सच्चा ज्ञान प्राप्त नहीं किया जा सकता। धर्म ग्रंथों में देवगुरू बृहस्पति, भगवान विष्णु, शंकर और हनुमान आदि को भी गुरू बनाया जा सकता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार राशि अनुसार यदि गुरू की पूजन की जाए या उपहार लेकर प्रदान किया जाए तो निश्चित ही उत्तम फल की प्राप्ति होती है। देव गुरू बृहस्पति मंदिर के पंडित आलोक पुजारी के अनुसार अपने गुरू के पास कभी खाली हाथ नहीं जाना चाहिए। ज्योतिष के विद्वानों ने बताया कि मेष राषि कर्क, तुला और मकर राशि के जातकों को अपने गुरू को सफेद वस्त्र, चावल, सफेद मिठाई या अन्य कोई सफेद वस्तु उपहार भेंट कर आशीर्वाद ग्रहण करना उत्तम होता है।

इसी तरह वृषभ, सिंह, वृष्चिक और कुंभ राशि के लोग अपने गुरू को लाल वस्त्र, गेहूं तथा लाल फल भेंट करना चाहिए, जबकि मिथुन, कन्या, धनु तथा मीन राशि के जातकों को पीले वस्त्र, चना दाल अथवा पीले फल भेंट करने का विधान बताया गया है। देव गुरू बृहस्पति को देवताओं का गुरू माना जाता है। तीर्थों की तीर्थ स्थली उज्जैन में देव गुरू का मंदिर विद्यमान है, जो विष्व भर में कहीं नहीं होगा। मंदिर के पंडित आलोक पुजारी के अनुसार बृहस्पति का पीला वर्ण है। यह कफ प्रधान है और इनकी वाणी तथा शंख की तरह गंभीर होती है। गुरू की कृपा से ही संसार के समस्त सुख और स्वर्ग की संपदा प्राप्त हो सकती है। गुरू पूर्णिमा के अवसर पर देव गुरू बृहस्पति का पूजन करना उत्तम फल की प्राप्ति देता है।

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