शुक्रवार को इन कार्यों के हैं शुभ मुहूर्त, जानिए पंचांग

ganesh-558bee7ab6415_l26 जून 2015 को शुक्रवार है। शुभ वि.सं.- 2072, संवत्सर नाम- कीलक, अयन- दक्षिण, शाके- 1937, हिजरी- 1436, मु. मास- रमजान-8, ऋतु- वर्षा, मास- प्रथम आषाढ़ (अधिक मास), पक्ष- शुक्ल है।

शुभ तिथि

नवमी रिक्ता संज्ञक तिथि प्रातरू 8.00 तक, तदन्तर दशमी पूर्णा संज्ञक तिथि रहेगी। नवमी तिथि में असद् कार्य सिद्ध होते हैं। शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं।

दशमी पूर्णा संज्ञक तिथि में यथा आवश्यक समस्त शुभ व मांगलिक कार्य, देवप्रतिष्ठा, यज्ञ, हवन, धार्मिक कार्य, गृहारम्भ, यात्रा, प्रवेश, सवारी और अलंकारादिक कार्य शुभ रहते हैं। अभी मलमास दोष है। शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं। पर समयावधि निर्धारित कार्य किए जा सकते हैं।

वैसे नवमी तिथि में जन्मा जातक सामान्यतः धनवान, कीर्तिवान, विद्यावान, कला-निपुण और शस्त्र विद्या का जानने वाला होता है।

नक्षत्र

चित्रा नक्षत्र रात्रि 12.54 तक, तदन्तर स्वाति नक्षत्र रहेगा। चित्रा नक्षत्र में यथा आवश्यक शांति, पुष्टता, कारीगरी, वास्तु, अलंकार, वस्त्र, जनेऊ व कृषि संबंधी कार्य और स्वाति नक्षत्र में देवालय, मांगलिक, वस्त्रालंकार, वास्तु, बीजादिरोपण व शस्त्र सम्बंधी कार्य करने योग्य हैं।

चित्रा नक्षत्र में जन्मा जातक सामान्यतः बुद्धिमान, साहसी, धनवान, दानी, सुशील, सुन्दर, जिसकी लिखावट सुन्दर होती है। नीतिवान, धर्मपरायण, अभिनय का जानने वाला और उदार हृदयी होता है। इनका भाग्योदय 33 से 38 वर्ष की आयु के मध्य होता है।

योग

परिघ नामक नैसर्गिक अशुभ योग सायं 5.19 तक, तदन्तर शिव नामक नैसर्गिक शुभ योग रहेगा।

विशिष्ट योग

दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग सम्पूर्ण दिवारात्रि रहेगा। जो तिथि, वार, नक्षत्र जन्य कुयोगों की अशुभताओं को नष्ट कर शुभकार्यारम्भ के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।

करण

कौलव नाम करण प्रातः 8.00 तक, तदन्तर तैतिलादि करण रहेंगे।

चंद्रमा

पूर्वाह्न 11.43 तक कन्या राशि में, इसके बाद तुला राशि में रहेगा।

परिवर्तन

शुक्रवार को सायं 5.24 पर गुरु अश्लेषा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में प्रवेश करेगा।

शुभ मुहूर्त

उक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार शुक्रवार को दशमी तिथि व चित्रा नक्षत्र में नामकरण, अन्नप्राशन, हलप्रवहण व विपणि-व्यापारारम्भ के यथाआवश्यक शुभ मुहूर्त हैं।

वारकृत्य कार्य

शुक्रवार को सामान्यतः नृत्य-वाद्य-गीत-संगीत-कलारम्भ, सांसर्गिक कार्य, नवीन वस्त्राभूषण धारण और कृषि संबंधी समस्त कार्य शुभ रहते हैं।

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