आराधना की नौ रात्रियों में जागृत करे अपनी अंर्तशक्तियां

शक्ति की आराधना का पर्व नवरात्रि हमारे लिए कई तरह का संदेश प्रदान करती है। इन नौ रात्रियों में साधक अपनी अंर्तशक्ति को जागृत करता है। यही नहीं इस दौरान आत्मा का परमात्मा से एकाकार हो जाता है। इस शक्ति के जागृत होते ही लोग कुछ अलग ही अनुभव करने लगते हैं। ऐसे लोग औरों से अलग हो जाते हैं। उन्हें न तो कल की चिंता होती है और न ही किसी बात का डर। वास्तव में नवरात्रि नौ दिनों की आराधना के माध्यम से व्यक्ति को जीवन के अंधकार से दूर ले जाने का उत्सव है।

यह ऐसा उत्सव है जो व्यक्ति को कई तरह के देवी गुणों को जागृत करने की प्रेरणा देता है। दरअसल नवरात्रि में देवी के विभिन्न नौ रूपों की साधना की जाती है। ये नौ रूप मूलरूप से मां लक्ष्मी, मां महाकालि और मां सरस्वती के हैं।

इन रूपों के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में ज्ञान अर्जित करता है। जब उसे वास्तविक ज्ञान का आभास होता है तो वह इस नश्वर जगत के प्रपंचों से अलग हट जाता है और उसका ध्यान जीवन के अर्थों में केंद्रित हो जाता है। उसके जीवन में असली संपन्नता आने लगती है। वह समृद्ध न होते हुए भी समृद्धशाली हो जाता है और सभी को अपना बना लेता है।

जीवन में अद्भुत शक्ति और उर्जा का विकास करने का संदेश भी नौ दिनों की साधना देती है। जी हां, यह पर्व उर्जा और उमंग भर देता है। अपनी उर्जा को सही दिशा में लगाने की प्रेरणा भी इस पर्व के माध्यम से मिलती है। व्यक्ति सभी दुखों को भूलकर असीम उर्जा के संचार से भर जाता है। वास्तव में यह नवरात्रि जीवन के लिए आवश्यक संदेश प्रदान करती है। नवरात्रि में सांस्कृतिक चेतना का विकास तो होता है मगर आध्यात्मिक उन्नति के माध्यम से व्यक्तित्व का विकास भी होता है।

नवरात्र पर इस बार मां दुर्गा की होगी ये सवारी, साथ ही रखे इन बातों का विशेष ध्यान
जानिए इस नवरात्रि में अखंड ज्योत का महत्व...

Check Also

पूजा घर में अवश्य रखे ये छह वस्तु, नहीं होगी कभी पैसों की समस्या

हमारा देश अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए जाना जाता है वही घर में पूजा का …