मछलिया जगाएगी आपकी सोयी हुई किस्मत, धन और सुख-शांति की होगी वर्षा

मछलियों को आप सामान्य जलीय जीव मानने की भूल न करें। मछलियों में ऐसी शक्तियां होती है जो घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सुख समृद्घि लाती है। यह आपको संकट से भी बचाती है। यही कारण है कि वास्तु और फेंगशुई में एक्वेरियम यानी मछली घर रखने की सलाह दी गई है।

एक्वेरियम में मछलियों की संख्या का रखें ध्यान- फेंगशुई के अनुसार एक्वेरियम में मछलियों की संख्या का बड़ा ही महत्व है। एक्वेरियम में कम से कम नौ मछलियां होनी चाहिए। आठ मछलियां लाल अथवा सुनहरे रंग की होनी चाहिए जबकि एक मछली काले रंग की। ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की संख्या नौ बतायी गयी है। यही कारण है कि फेंगशुई में नौ मछलियां एक्वेरियम में रखने की बात कही गयी है।

तब नई मछली लेकर आएं- जब कभी कोई मछली मर जाये तो उसे एक्वेरियम से बाहर निकाल दें और उसकी जगह नई मछली लाकर रख दें। ध्यान रखें कि जिस रंग की मछली मरी हो उसी रंग की नई मछली लाएं। फेंगशुई के अनुसार जब कोई मछली मरती है तो अपने साथ घर पर आने वाली विपत्तियों को साथ लेकर चली जाती है। इसलिए एक्वेरियम में मछली के मरने पर परेशान होने की जरूरत नहीं है।

धन वृद्घि के लिए कहां रखें एक्वेरियम?- फेंगशुई के अनुसार एक्वेरियम को पूर्व, उत्तर अथवा उत्तर-पूर्व में रखें। इसे शयनकक्ष अथवा रसोईघर में नहीं रखना चाहिए। इससे संपत्ति की हानि होती है। दांपत्य जीवन में आपसी प्रेम बनाये रखने के लिए इसे मुख्य द्वार के बायीं ओर रखें.

यहां एक्वेरियम रखने से होता है पति का मन चंचल- एक्वेरियम दायीं ओर रखने से घर के पुरूष का मन चंचल होता है और परायी स्त्रियों के प्रति उनका आकर्षण बढ़ता है। दिशा का निर्धारण करने का तरीका यह है कि घर के अंदर मुख्य द्वार की ओर मुंह करके खड़े हो जाएं। जो भाग आपके दाएं होगा उसे दाहिना भाग कहेंगे और दूसरा भाग बायां कहलाएगा।

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