यदि राजा बलि के 100 यज्ञ हो जाते पूरे तो

king-baliji_07_11_2015दीपावली से जुड़ी कई रोचक कहानियां हैं। इन्हीं में से एक है राजा बलि की पौराणिक कहानी, यह कहानी इसलिए भी रोचक है कि, यदि राजा बलि के 100 यज्ञ पूरे हो जाते तो वो अमर हो जाते। इसलिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया और उनसे तीन पग जमीन मांगी थी।

राजा बलि और भगवान वामन की कहानी: श्रीमद् भागवद्पुराण के अनुसार जब पृथ्वी पर राजा बलि का शासन था। वह प्रतापी राजा थे और उन्होंने तीनों लोकों में विजयश्री हासिल कर ली थी। तब भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया। वह राजा बलि के यहां पहुंचे, राजा उस समय यज्ञ कर रहे थे। उन्होंनें 100 यज्ञ पूरे होने का प्रण लिया था। यदि राजा बलि के 100 यज्ञ पूरे हो जाते तो वो तीनों लोकों के स्वामी बन जाते। इससे देवतागण चिंतित थे।

राजा बलि के बारे में एक बात और वो यह कि वो प्रसिद्ध दानी थे। उनके दर से कभी कोई खाली नहीं लौटता था। तब भगवान उनके पास आए और राजा बलि से तीन पग जमीन मांगी। वामन अवतार में भगवान का कद छोटा था। लेकिन वामन भगवान ने दो पग में ही। धरती और आकाश को नाप लिया। उन्होंने तीसरा पग राजा बलि के सिर पर रखा। इस तरह पृथ्वी और स्वर्ग राजा बलि का नहीं हो सका। लेकिन राजा बलि को वामन भगवान ने वरदान दिया की दीपावली के दिन राजा बलि की लोग पूजा करेंगे। उनका इन दिनों पृथ्वी पर शासन होगा। तभी से दीपावली का त्योहार मनाया जाने लगा।

मां महालक्ष्मी की कहानी: मां महालक्ष्मी समुद्र मंथन से अवतरित हुई थीं। वह धन की देवी हैं। समुद्र मंथन से अमृत भी निकला और विष भी। विष भगवान शंकर ने अपने कंठ में विराजित किया तो वहीं अमृत पान देवताओं लेकिन मां महालक्ष्मी ने भगवान विष्णु से विवाह किया। वो दिन कार्तिक अमावस्या का दिन था। देवलोक में इस खुशी की बेला में दिए जलाए गए। खुशियां मनाई गईं तभी से दीपावली का त्योहार मनाया जाने लगा।

 
 

 

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