कार्तिक मास में तुलसी पत्र से श्री विष्णु की पूजा करने से भगवान बहुत ही प्रसन्न होते हैं,

 कार्तिक के साथ ही कार्तिक महीने के यम-नियम आदि भी आज से शुरू हो गए हैं। अन्य महीनों की तुलना में कार्तिक का अपना एक अलग महत्व है|जिस प्रकार सावन में भगवान शिव की पूजा का बड़ा ही महत्व होता है, ठीक उसी प्रकार कार्तिक मास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है।

कार्तिक का महीना स्नान और दान-पुण्य के लिये विशेष महत्व रखता है। इस महीने में पूजा- पाठ और स्नान-दान करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। विष्णुधर्मसूत्र, कृत्यकल्पतरू, हेमाद्रि, पद्मपुराण, निर्णयसिन्धु और गरूड़ पुराण में बताया गया है कि कार्तिक मास में घर से बाहर किसी पवित्र नदी में स्नान, गायत्री जप एवं दिन में केवल एक बार भोजन करके व्यक्ति को शुभ फल प्राप्त होते हैं और उसकी तरक्की होती है, बता दूं कि कार्तिक मास के दौरान प्रयाग  नदी में स्नान और दर्शन विशेष लाभकारी हैं,  लेकिन अगर आप दूर किसी पवित्र नदी में स्नान करने में असमर्थ हैं तो आप घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल डालकर उन नदियों का भाव अपने मन में रखकर, जैसे कि आप वहीं पर स्नान कर रहे हों तो स्नान कीजिए।  

कार्तिक मास में सुबह स्नान के बाद सूर्यदेव को जल अवश्य अर्पित करना चाहिए।  साथ ही हेमाद्री व्रतखण्ड भाग 2 के पृष्ठ 762 से 763 पर अग्निपुराण के हवाले से बताया गया है कि कार्तिक में देवों, पितरों और मनुष्यों को घी और मधु से युक्त भोजन देने, हरि-पूजन करने और दीप जलाने से व्यक्ति के करियर को चार चांद लगते हैं और वो लगातार तरक्की करता है। अगर संभव हो तो प्रयाग में पितरों को तिल युक्त जल देने से उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति होती है

कार्तिक मास में तुलसी पत्र से श्री विष्णु की पूजा करने से भगवान बहुत ही प्रसन्न होते हैं। पूरे कार्तिक में शाम के समय तुलसी के पौधे में घी का दीपक जरूर जलाना चाहिए। इससे घर की सुख-समृद्धि बनी रहती है। तुलसी अर्चना से न केवल घर के रोग और दुःख दूर होते हैं, बल्कि अर्थ, काम और मोक्ष की भी प्राप्ति होती है। इसके अलावा कार्तिक में सुबह उठकर तुलसी दल का सेवन भी बड़ा ही लाभकारी होता है। इससे हमारा इम्यून सिस्टम अच्छा होता है। लिहाजा हमारा स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है। लेकिन ध्यान रहे कि तुलसी की पत्ती को चबाया नहीं जाता उसे पानी के साथ निगलना चाहिए। क्यूंकि तुलसी की पत्ती में पारा होता है और इसे चबाने से दांत खराब हो जाते हैं। 

तुलसी का पौधा औषधियों गुणों से भरपूर होने के साथ-साथ वास्तु की दृष्टि से भी बहुत लाभदायक है। इसे घर में लगाने से नकारत्मकता अपने आप ही खत्म हो जाती है। वैसे भी कार्तिक का महीना शुरू हो चुका है और कार्तिक के महीने में घर में तुलसी का पौधा लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख-सौभाग्य बढ़ता है और मन को खुशी मिलती है।

तुलसी का पौधा लगाने के लिए घर में उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा का चुनाव करना चाहिए। जबकि दक्षिण दिशा में तुलसी का पौधा कभी नहीं लगाना चाहिए। इसके अलावा घर में कभी भी तुलसी का सूखा पौधा नहीं रखना चाहिए। इसे हटाकर किसी कुएं में या किसी पवित्र स्थान पर चढ़ा देना चाहिए और नया पौधा लगाना चाहिए। अगर सिर्फ कुछ पत्तियां ही खराब हैं तो उन पत्तियों को पौधे से अलग कर दें।

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