सम्राट विक्रमादित्य के राजतिलक होने की ख़ुशी में मनाई जाती है दिवाली

दुनियाभर में लोग दिवाली का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं. ऐसे में इस बार दिवाली का त्यौहार 7 अक्टूबर को मनाया जाने वाला हैं. वहीं आप सभी को पता ही होगा कि दिवाली के त्यौहार को लेकर समाज में कई तरह की धारणाएं, परंपराएं और रीति-रिवाज प्रचलित है. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हे शायद आप नहीं जानते होंगे. 

* कहा जाता है गौतम बुद्ध के अनुयायियों ने 2500 वर्ष पूर्व गौतम बुद्ध के स्वागत में लाखों दीप जलाकर दीपावली मनाई थी.

* कहते हैं कि दिवाली के दिन उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य का राजतिलक हुआ था.

* कहा जाता है कि दिवाली के दिन गुप्तवंशीय राजा चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने ‘विक्रम संवत’ की स्थापना करने के लिए धर्म, गणित तथा ज्योतिष के दिग्गज विद्वानों को आमन्त्रित कर मुहूर्त निकलवाया था.

* कहते हैं कि दिवाली के दिन अमृतसर में 1577 में स्वर्ण मन्दिर का शिलान्यास हुआ था.

* मान्यता है कि दिवाली ही के दिन सिक्खों के छ्टे गुरु हरगोबिन्द सिंह जी को कारागार से रिहा किया गया था.

* कहते हैं कि इसी दिन आर्यसमाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती का निर्वाण हुआ था.

* कहा जाता है इस दिन से नेपाल संवत में नया वर्ष आरम्भ होता है.

आखिर क्यों मनाया जाता है धनतेरस का त्यौहार?
इस दिवाली पूजा में पढ़ें यह मंत्र और आरती,

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