बटुक भैरव जयंती, क्या है पूजा विधि

शुक्रवार को बटुक भैरव जयंती का अद्भुत संयोग बना है. शुक्रवार को उच्च के मंगल का का चित्रा नक्षत्र है. सम्पूर्ण दिन रात का रवियोग है. उपाय से हर मनोकामना पूरी होगी. राहु कर्क  राशि में है, केतु मकर राशि में है. शुक्रवार को बटुक भैरव जी की जयंती की पूजा होगी. धोखा देने वाले दुश्मनी करानेवाले राहु केतु होते हैं. बटुक भैरव पूजा करने से राहु केतु शांत होंगे.

भैरव मंदिर या शिव मंदिर जाकर पूजा करें

सुबह गंगा जल डालकर स्नान करें -सफ़ेद वस्त्र धारण करें

भैरव  देव को सफ़ेद फूल ,केला ,लड्डू ,तुलसी पत्ते और पंचामृत चढ़ाएं

मन्त्र जाप –ॐ बटुक भैरवाय नमः

 

 किसानों का पर्व बैसाखी, क्या है महत्व
बैकुण्ठ चतुर्दशी और इसका महत्व: कार्तिक माह

Check Also

भूलकर भी न करें इस तरह गायत्री मंत्र का जप, जानें 7 खास बातें

शास्त्रों में गायत्री मंत्र का बहुत महत्व होता है। गायत्री जयंती ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष …