साकल माता देती हैं शीघ्र विवाह का वरदान

कार्तिक मास की अमावस्या पर देशभर में दीपोत्सव की जगमग रहेगी। सभी उत्साहित होकर दीपावली की खुशियां मनाऐंगे। इस दौरान घर – वृंदनवार सभी फूलों से सज उठेंगे। घर – घर में लक्ष्मी पूजन की तैयारियां की जाऐंगी। दीपावली के इस अवसर पर ग्रहों का विशेष योग श्रद्धालुओं के लिए हितकारी होगा। लोग शाम 6.41 बजे से 8.37 तक के शुभ मुहूर्त में पूजन कर सकेंगे। दरअसल दीपावली के इस दिन तुला राशि में सूर्य, चंद्र, शुक्र और शनि ग्रहों की युति बन रही है। ऐसे में यह देश के लिए उत्तम मानी जा रही है।

शनि उच्च राशि का है सूर्य नीच राशि का है। उच्च ग्रह के साथ ही नीच ग्रह की युति भी बेहद फलदायी है। सूर्य भी इस पर्व पर उत्तम फल देने वाला है। दीपावली पर पूजन करना बहुत ही उत्तम रहेगा। इस दौरान सूर्यास्त 5.37 बजे ही हो जाएगा। मगर दीपपर्व की खनक सुबह से ही प्रारंभ हो जाएगी। इस दौरान श्रद्धालु धानी, दीये, गन्ने, झाडू, पताशे, पूजन सामग्री आदि की खरीदी करेंगे।

इस दौरान मिठाई विक्रेताओं के यहां पर जमकर भीड़ लगेगी और बाजार में फूल मालाऐं ढूंढे नहीं मिलेगी। ऐसे में लोगों द्वारा फैंसी और सजावटी फूलों से काम चलाया जाएगा। फूलों की मालाऐं बनाकर लोग अपने घरों, द्वारों में सजाऐंगे। शाम होते ही सभी जगह आकर्षक विद्युत सज्जा की जाएगी। दीयों से माहौल रोशन हो जाएगा। लक्ष्मी पूजन के दौरान श्रद्धालु पारंपरिक परिधानों में सजे नज़र आऐंगे।तो लक्ष्मी पूजन के बाद श्रद्धालुओं द्वारा जमकर आतिशबाजी की जाएगी। आसमान में जमकर आतिशबाजी का नजारा देखने को मिलेगा।

श्रद्धालु बड़ों के पैर छूकर और छोटों को शुभकामनाऐं देकर दीपपर्व की शुभकामनाऐं देंगे। सभी एक दूसरे के भेद भूल जाऐंगे। श्रद्धालुओं द्वारा एक दूसरे का मुंह भी मीठा करवाया जाएगा। आंगन और घर रांगोली से सजे नज़र आऐंगे। श्रद्धालु अपनी मनपसंद सामग्री की खरीदी भी इस पर्व पर करेंगे।

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