मार्च में कब है लक्ष्मी जयंती? जानिए

लक्ष्मी जयंती देवी लक्ष्मी के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है. मां लक्ष्मी को धन, सुख, समृद्धि, और सौभाग्य की देवी माना जाता है. इस दिन लोग मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करते हैं और उनसे धन-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. लक्ष्मी जयंती को व्यापारिक समुदाय में भी बेहद खास माना जाता है. व्यापारिक उद्योगों में इस दिन धन और कारोबार की समृद्धि की कामना की जाती है. इस दिन मां लक्ष्मी के निमित्त व्रत भी रखा जाता है.

ऐसा माना जाता है कि इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. लक्ष्मी जयंती को हिंदू धर्म में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यह पर्व माता लक्ष्मी की उपासना और पूजा के लिए समर्पित होता है. इस शुभ दिन पर मां लक्ष्मी की पूजा करने से धन, धान्य और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. साथ ही, लोग इस दिन माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अलग-अलग तरह से पूजा और अर्चना करते हैं.

लक्ष्मी जयंती का महत्व ( Lakshmi Jayanti Significance)

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि के दिन लक्ष्मी जयंती का पर्व मनाया जाता है. ऐसा कहते हैं जिस दिन समुन्द्र मंथन हुआ था उस समय फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि थी, इसी वजह से इसे मां लक्ष्मी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. धन की देवी होने की वजह से जो भी व्यक्ति इनकी पूजा करता है उसके जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती है. लक्ष्मी जयंती का यह पर्व ज्यादातर दक्षिण भारतीय राज्यों में मनाया जाता है. तो चलिए जानते हैं कब रखा जाएगा ये व्रत और क्या है इसका महत्व.

लक्ष्मी जयंती डेट(Lakshmi Jayanti 2024 date)

पंचांग के मुताबिक फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 24 मार्च सुबह 09:54 मिनट पर होगी और अलगे दिन 25 मार्च को दोपहर 12:29 पर इसका समापन हो जाएगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार लक्ष्मी जयंती का व्रत 24 मार्च को रखा जाएगा.

लक्ष्मी जयंती पूजा मुहूर्त (Lakshmi Jayanti 2024 puja muhurat)

लक्ष्मी पूजा का समय  24 मार्च सुबह 6:19 से सुबह 07:51 बजे तक शुभ मुहूर्त – 24 मार्च सुबह 9:23 से सुबह 10:55 बजे तक

लक्ष्मी जयंती 2024 पूजा

लक्ष्मी जयंती पर भक्त धन की देनी मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं. लक्ष्मी जयंती के दौरान देवी लक्ष्मी सहस्रनामावली यानी देवी लक्ष्मी के 1000 नामों और श्री सूक्तम का पाठ किया जाता है. इस शुभ अवसर पर देवी को प्रसन्न करने के लिए आहुति के लिए शहद में डूबे हुए कमल के फूलों का इस्तेमाल किया जाता है.

लक्ष्मी जयंती पूजा विधि (Lakshmi Jayanti Puja vidhi)

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
  • घर के मंदिर में जाकर लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें.
  • फिर मां लक्ष्मी को गंगाजल, फूल, फल, मिठाई, और दीपक अर्पित करें.
  • मां लक्ष्मी की आरती करें और इस दौरान “ॐ श्रीं लक्ष्मी नमः” मंत्र का जाप करें.
  • लक्ष्मी जयंती के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें.

पूजा के दौरान इस मंत्र का करें जाप

ईश्वरीकमला लक्ष्मीश्चलाभूतिर्हरिप्रिया।

पद्मा पद्मालया सम्पद् रमा श्री: पद्मधारिणी।।

द्वादशैतानि नामानि लक्ष्मी संपूज्य य: पठेत्।

स्थिरा लक्ष्मीर्भवेत्तस्य पुत्रदारादिभिस्सह।।

लक्ष्मी जयंती के दिन करें ये उपाय

होलिका दहन की राख में से थोड़ी राख लेकर घर में रख लें और इस राख को लाल कपड़े में बांधकर मां लक्ष्मी के चरणों में अर्पित कर दें. माता लक्ष्मी के चरणों में अर्पित की गई इस पोटली को घर की तिजोरी में रख दें. ऐसा करने से आपको धन लाभ होने के योग बनते हैं. इस दिन घर में तुलसी का पौधा लगाना और उसकी पूजा करना शुभ माना जाता है.

लक्ष्मी जयंती पर धन-संपदा प्राप्त करने और गरीबी को दूर करने के लिए लक्ष्मी माता की पूजा बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस दिन माता को खुश करने के लिए कई लोग हवन और यज्ञ भी करते हैं. इसके अलावा ज्यादा शीग्र शुभ फलों की प्राप्ति के लिए लक्ष्मी के 1000 नाम तथा श्री सूक्त का पाठ किया जाता है.

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