प्राचीन ऋषियों-मुनियों ने सदियों पहले ही बताया था कि ब्रह्मांड की ऊर्जा हमारे शरीर और मस्तिष्क को प्रभावित करती है। जब हमारी कुंडली में कोई ग्रह कमजोर होता है, तो उसका असर हमारी सेहत, आर्थिक स्थिति और रिश्तों पर दिखने लगता है। इन समस्याओं से निपटने का सबसे सरल और प्रभावी रास्ता है- ‘नवग्रह मंत्र’ ।
क्यों खास हैं ये मंत्र?
नवग्रहों के ये मंत्र सिर्फ शब्द नहीं हैं, बल्कि एक विशिष्ट ध्वनि हैं जो हमारे आस-पास की नकारात्मकता को साफ करती हैं। ज्योतिष शास्त्र के महान ग्रंथों और विद्वानों के अनुसार, हर ग्रह का एक स्वामी होता है और उनकी अपनी एक तरंग होती है। इन मंत्रों का नियमित जाप करने से कुंडली के बड़े से बड़े दोष भी धीरे-धीरे कम होने लगते हैं।
9 ग्रहों को शांत करने के चमत्कारी मंत्र
सूर्य: आत्मविश्वास और समाज में मान-सम्मान के लिए- “ॐ सूर्याय नमः”।
चंद्र : मानसिक सुकून और तनाव दूर करने के लिए- “ॐ सोमाय नमः”।
मंगल : कर्ज से मुक्ति और साहस के लिए- “ॐ भौमाय नमः”।
बुध : बुद्धि और व्यापार में बरकत के लिए- “ॐ बुधाय नमः”।
गुरु : सुख-समृद्धि और ज्ञान के लिए- “ॐ बृहस्पतये नमः”।
शुक्र : ऐश्वर्य और प्रेम-संबंधों के लिए- “ॐ शुक्राय नमः”।
शनि : मुश्किलों को दूर करने और न्याय के लिए- “ॐ शनैश्चराय नमः”।
राहु: अचानक आने वाली परेशानियों से बचने के लिए- “ॐ राहवे नमः”।
केतु: आध्यात्मिक शक्ति और बुरी नजर से बचाव के लिए- “ॐ केतवे नमः”।
धार्मिक विशेषज्ञों और प्राचीन खगोलीय विज्ञान के जानकारों के मुताबिक, अगर आप इन मंत्रों का जाप खुद नहीं कर सकते, तो सुबह के समय इन्हें शांत मन से सुनना भी उतना ही फायदेमंद होता है। इससे घर की ‘एनर्जी’ पॉजिटिव होती है और दिमाग को हीलिंग मिलती है।
Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।