प्रदोष व्रत भगवान शिव की विशेष कृपा पाने का दिन है, जो प्रदोष व्रत गुरुवार के दिन पड़ता है, उसे गुरु प्रदोष कहते हैं. गुरु प्रदोष व्रत करके कोई भी व्यक्ति अपने मन की इच्छा को बहुत जल्द पूरा कर सकता है. किसी भी प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा शाम के समय सूर्यास्त से 45 मिनट पूर्व और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक की जाती है. मान्यता है कि घर के बड़े बुजुर्ग गुरु प्रदोष का व्रत करके अपने बच्चों को सफल और सुरक्षित बना सकते हैं.
Check Also
विवाह पंचमी के दिन निभाई जाती हैं ये रस्में, भक्ति से सराबोर रहता है माहौल
विवाह पंचमी में राम-जानकी विवाह के दौरान कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस …
Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।
