सावन में बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मिलेगा: धर्म

वाराणसी में महादेव और उनके भक्तों के बीच इस बार सावन में सोशल डिस्टेंसिंग होगी। द्वादश ज्योतिर्लिगों में प्रमुख श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों को अपने आराध्य के दर्शन दूर से करने का सौभाग्य मिलेगा।

कांवर यात्रा रद्द होने के बावजूद भी मंदिर प्रशासन भीड़ को देखते हुए दर्शन-पूजन का इंतजाम कर रहा है। वहीं शहर के दूसरे शिव मंदिरों में दर्शन पूजन को लेकर अनिश्चय की स्थिति बनी हुई है। सावन में बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही मिलेगा।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर भक्त काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन कर सकेंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि कोरोना महामारी के संक्रमण के कारण सावन माह में श्रद्धालुओं को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के दौरान कई नियमों का पालन करना होगा। मंदिर में प्रवेश के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करने के  साथ ही मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

श्रद्धालुओं के मंदिर में प्रवेश के लिए तीन मार्ग बनाए जाएंगे। ताकि पूजन और जलाभिषेक में कोई परेशानी न हो। साथ ही सफाई आदि व्यवस्था को भी ध्यान में रखते हुए कार्य कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। वहीं पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम के जरिए जागरूकता भरे संदेश से श्रद्धालुओं को जागरूक भी किया जाएगा।

श्रद्धालुओं के मंदिर में प्रवेश के लिए तीन मार्ग बनाए जाएंगे। ताकि पूजन और जलाभिषेक में कोई परेशानी न हो। साथ ही सफाई आदि व्यवस्था को भी ध्यान में रखते हुए कार्य कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। वहीं पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम के जरिए जागरूकता भरे संदेश से श्रद्धालुओं को जागरूक भी किया जाएगा।

सावन में बाबा विश्वनाथ के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और मंदिर के आसपास भीड़ भाड़ न हो, इसके लिए मैदागिन से गोदौलिया के बीच नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है। यातायात विभाग पर इसकी जिम्मेदारी है।

पूर्वांचल के श्रद्धालुओं के लिए कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव धाम श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। मंदिर प्रबंधन और गोस्वामी समाज ने फिलहाल सावन की तैयारियों पर कोई निर्णय नहीं लिया है। गोस्वामी समाज का कहना है कि एक जुलाई को होने वाली बैठक के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए शहर के मंदिरों में दर्शन-पूजन पर सख्ती रहेगी। सावन को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग और श्रद्धालुओं की भीड़ भाड़ को कम करने के लिए पुलिस प्रशासन निरंतर जागरूक कर रहे हैं। शूल टंकेश्वर महादेव के पुजारी राजेन्द्र गिरि ने बताया कि अभी दर्शन पूजन पर कोई निर्णय नहीं हुआ है।

शनिदेव व्यक्ति के कर्मों के आधार पर फल देते हैं उन्हें न्यायाधिपति भी कहा जाता है
अद्भुत संयोग: इस साल सावन महीने की शुरुआत और समापन सोमवार के दिन ही होगा

Check Also

इन चीजों के साथ इस विधि से शिव-पार्वती की करे पूजा, मनवांछित पायेंगे वरदान, दूर होंगें कष्ट

भगवान शिवजी को भोलेनाथ भी कहते हैं. क्योंकि हिंदू धर्म ग्रन्थों के मुताबिक, भगवान शिव …