आइये जाने मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करते समय किन बातों का रखें खास ध्यान

आज मंगलवार है। मारुतिनंदन अंजनी पुत्र हनुमान जी को सब संकटों का मोचक कहा गया है। तीन से चार मिनट में हो जाने वाली हनुमान चालिसा में सस्वर पाठ किया जाता है कि नासे रोग हरे सब पीरा… यानी कि सभी तरह के रोग हरने वाले हनुमान हैं। भूत पिशाच निकट नहीं आवे.. मान्यता है कि सभी नकारात्मक ताकतें, हनुमान जी से कतराती हैं। यही कारण है कि जो लोग डरते ज्यादा हैं, उन्हें नियमित रूप से हनुमान अराधना को कहा जाता है। मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ भी श्रेष्ठ बताया जाता है। अक्सर लोग सवाल पूछते हैं कि सुंदरकांड के पाठ से क्या होता है? इसका जवाब दे रहे हैं ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास

सफलता के सूत्र

यदि संभव हो तो विद्यार्थियों को सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। यह पाठ उनके भीतर आत्मविश्वास को जगाएगा और उन्हें सफलता के और करीब ले जाएगा। आपको शायद मालूम न हो, लेकिन यदि आप सुंदरकांड के पाठ की पंक्तियों के अर्थ जानेंगे तो आपको यह मालूम होगा कि इसमें जीवन की सफलता के सूत्र भी बताए गए हैं। इस वजह से यह राय दी जाती है कि यदि रामचरितमानस का पूर्ण पाठ कोई ना कर पाए, तो कम से कम सुंदरकांड का पाठ अवश्य कर लेना चाहिए।

स्वयं करें सुंदरकांड का पाठ

शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि जब घर पर रामायण पाठ रखा जाए तो उस पूर्ण पाठ में से सुंदरकांड का पाठ घर के किसी सदस्य को ही करना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक शक्तियों का प्रवाह होता है। इसका पाठ करने से रोग दूर रहते हैं। इससे आपकी दरिद्रता खत्म होती है।

अशुभ ग्रहों का प्रभाव दूर

ज्योतिष के नजरिए से यदि देखा जाए तो यह पाठ घर के सभी सदस्यों के ऊपर मंडरा रहे अशुभ ग्रहों से छुटकारा दिलाता है। यदि स्वयं यह पाठ ना कर सकें, तो कम से कम घर के सभी सदस्यों को यह पाठ सुनना तो जरूर चाहिए। अशुभ ग्रहों का दोष दूर करने में लाभकारी माना जाता है सुंदरकांड का पाठ।

भय से मुक्ति

अगर आपको रात को डर लगता है और बुरे सपने आते हैं तो आपको सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। जिस तरह से हनुमान चालिसा का पाठ करने से मन के भय से मुक्ति मिलती है। ठीक उसी तरह से सुंदरकांड का पाठ करने से मन के भय से मुक्ति मिलती है।

गृह क्लेश दूर

सुंदरकांड का पाठ करने से गृह क्लेश से छुटकारा मिलता है। इसका पाठ करने से सकारात्मक शक्ति घऱ में आती है, जिससे घऱ में पैदा होने वाली नकारात्मक शक्तियों को से छुटकारा मिलता है। सुंदरकांड का पाठ करने से घर में माहौल सकारात्मक और प्रेम पूर्वक रहता है। यदि सुंदरकांड का पाठ घऱ के ही किसी सदस्य द्वारा किया जाता है तो और भी अधिक फायदेमंद होता है।

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