नवरात्रि में इन विशेष मंत्रों के जाप से अभिष्ठ कार्य की होती है सिद्धि

कहा जाता है नवरात्रि में कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से अभिष्ठ कार्य की सिद्धि होती है और वह मन्त्र सभी को पता नहीं होते हैं इस कारण सभी उन मन्त्रों का जाप नहीं कर पाते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे मन्त्रों के बारे में जिनसे मां प्रसन्न होती हैं और भक्त की व्याधि, रोग, पीड़ा और दरिद्रता को नष्ट कर भक्त को उत्तम स्वास्थ्य और धन संपति का वरदान देती हैं। जी हाँ, आइए जानते हैं।
ॐ अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोअपी वा

य: स्मरेत पुण्डरीकाक्षं स बाहान्तर: शुचि:

इसके बाद पूजा के लिए संकल्प करें और फिर नीचे लिखे मंत्र का यथा शक्ति जप नवरात्रि के पूरे 9 दिन करें।

दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो:

स्वस्थै:स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।

दरिद्रायदु:खभयहारिणी का त्वदन्या

सर्वोपकारकरणाय सादर्द्रचित्ता।।

ऐसा भी कहा जाता है कि नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती के इस मंत्र का पाठ करने पर सबसे ज्यादा लाभ मिलता है और इसके लिए आपको सबसे पहले प्रातःकाल स्नान करके पूजन सामग्री के साथ पूजन स्थल पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठना होगा उसके बाद अपने सामने दुर्गा जी की मूर्ति या प्रतिमा रखनी होगी और उसके बाद ऊपर लिखे मंत्र से पूजन सामग्री और अपने शरीर पर जल छिड़कन होगा। आपको यह सब करने से लाभ मिलेगा।

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