दिवाली पर लक्ष्मी पूजा से पूर्व घर से निकाल दें ये पांच वस्तुए वरना….

दीपावली हिन्दू धर्म का मुख्य त्योहार है। यह पर्व कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस वर्ष यह त्योहार 14 नवंबर को मनाया जाएगा। दिवाली की तैयारी त्यौहार के कई दिन पहले से ही होने लगती हैं। घर की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई की जाती है और उसे रंग बिरंगी झालरों से सुसज्जित किया जाता है। मान्यता है कि दिवाली में मां लक्ष्मी घर आती हैं। ऐसे में उनके स्वागत के लिए कुछ कार्य आवश्यक होते हैं। ये कार्य इस प्रकार हैं :-

टूटा हुआ दर्पण
वास्तुशास्त्र के मुताबिक, टूटा हुआ दर्पण रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है और परिवार के सदस्यों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।

टूटा फर्नीचर
वास्तुशास्त्र के मुताबिक, घर में टुटा फूटा फर्नीचर रखना अशुभ माना जाता है। घर का फर्नीचर बिलकुल सही हालत में होना चाहिए। वास्तु के अनुसार फर्नीचर में टूट-फूट बुरा प्रभाव डालती है।

खंडित मूर्तियां
कभी भूलकर भी किसी देवी-देवता की खंडित प्रतिमा या तस्वीर की पूजा नहीं करनी चाहिए। दुर्भाग्य को दूर करने के लिए दिवाली से पहले ऐसी तस्वीरें और मूर्तियों को किसी पवित्र स्थान में ले जाकर दबा दें।

टूटे हुए बर्तन
कभी भी टूटे हुए बर्तनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इस दिवाली आप ऐसे सभी बर्तन जिनका आप लंबे समय से उपयोग नहीं कर रहे हैं या फिर टूटे हुए हैं, उन्हें घर से जरूर बाहर कर दें। ये घर में विवाद का कारण बनते हैं।

पुराने पड़े जूते-चप्पल
दिवाली से पहले घर की सफाई करते वक़्त अपने पुराने जूते- चप्पलों, जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते हैं, उन्हें घर से बाहर करना न भूलें। फटे-पुराने जूते-चप्पल घर में नकारात्मकता और दुर्भाग्य लाते हैं।

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