चाणक्य निति: इन कार्यों से मां लक्ष्मी होती हैं प्रसन्न, नहीं होती हैं धन की कमी

नया साल 2021 आरंभ हो चुका है. नव वर्ष में हर किसी के मन में इच्छा है कि वर्ष 2021 शानदार गुजरे. जीवन में धन की कोई कमी न रहें सभी लोग प्रसन्न और आनंद से रहें. चाणक्य के अनुसार व्यक्ति के जीवन में सुख शांति और समृद्धि जब तक है उसे किसी प्रकार कोई कष्ट नहीं है. जब ये चीजें कम होने लगती हैं या समाप्त हो जाती हैं तो व्यक्ति की मुसीबत और मुश्किलें बढ़ जाती हैं.

चाणक्य की गिनती भारत के श्रेष्ठ विद्वानों में की जाती है. चाणक्य एक शिक्षक होने के साथ साथ अर्थशास्त्र के भी प्रकांड विद्वान थे. चाणक्य के अनुसार व्यक्ति के जीवन में यदि धन नहीं है तो भौतिक जीवन जीने में उसे कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसलिए जीवन में धन का विशेष महत्व है.

चाणक्य के अनुसार कलयुग में धन एक साधन है जिसके सहारे आप भौतिक जीवन को आसान और सरल बना सकते हैं. इसीलिए हर कोई धनवान बनना चाहता है, चाणक्य के अनुसार लक्ष्मी जी धन की देवी हैं. धन की देवी का आर्शीवाद जिसके पास होता है वह समाज में भी सम्मान पाता है.
चाणक्य के अनुसार धन की देवी को प्रसन्न करना बहुत ही आसान है, लेकिन इसके लिए धैर्यवान बनना पड़ता है. चाणक्य के अनुसार जो लोगा धनवान बनना चाहते हैं वे इन बातों को हमेशा ध्यान में रखें-

परिश्रमी बनो और लक्ष्य को प्राप्त करो
चाणक्य के अनुसार लक्ष्मी जी उसे अपना आर्शीवाद जरूर देती हैं जो अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए कठोर परिश्रम करता है, परिश्रम करने वालों से लक्ष्मी जी बहुत प्रसन्न होती हैं.

लालच से दूर रहो
चाणक्य के अनुसार लक्ष्मी जी उन लोगों को अपना आर्शीवाद नहीं देती हैं जो लोभ में फंसे रहते हैं और दूसरों की तरक्की को देखकर जलते रहते हैं. लक्ष्मी जी ऐसे लोगों को कठोर दंड भी देती हैं. इसलिए लालच नहीं करना चाहिए.

धन का महत्व समझें
चाणक्य के अनुसार जो लोग धन का महत्व नहीं समझते हैं और धन को बेकार के कामों के व्यय करते हैं उन्हें एक दिन कष्ट भोगना पड़ता है. धन का सम्मान करें और भविष्य के लिए इसका संचय करें. बुरे वक्त में धन ही सच्चा मित्र होता है.

जानिए क्या है आज का पंचांग, राहुकाल और शुभ मुहूर्त
जॉब और बिजनेस में सफलता दिलाती हैं ये बातें

Check Also

शनिदेव: भाग्यदेवता को यंत्र से करें खुश, शनि का यंत्र है अत्यंत फलदायी

शनिदेव के उपायों में तेल तिलहन का दान, रत्नों का धारण एवं मंत्र जाप प्रमुखता …