चाणक्य नीति: बच्चा गलती करे तो माता पिता को करना चाहिए ये काम

चाणक्य नीति व्यक्ति को जीवन में सफल बनने के लिए प्रेरित करती है. चाणक्य की चाणक्य नीति का जो व्यक्ति अध्ययन करता है या फिर चाणक्य की शिक्षाओं को जीवन में उतारने का प्रयास करता है वो कई प्रकार की परेशानियों से बचा रहता है. संबंध और बच्चों के मामले में व्यक्ति को बहुत ही सजग और गंभीर रहना चाहिए. इनमें चूक होने से कष्ट और दुख उठाने पड़ सकते हैं.

आचार्य चाणक्य की बातें व्यक्ति को हर आने वाले संकट से व्यक्ति को बचाने का प्रयास करती है. इतना ही नहीं चाणक्य नीति व्यक्ति को श्रेष्ठ आचरण करने के लिए भी प्रेरित करती है. यही वजह है कि चाणक्य द्वारा बताई गईं बातें आज भी प्रासंगिक हैं. व्यक्ति के जीवन मेंं घटने वाली अच्छी बुरी घटनाओं से उत्पन्न होने वाली स्थितियों की जानकारी चाणक्य नीति में मिलती है. चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को संबंधों के मामले में सर्तक रहना चाहिए. क्योंकि जीवन में जब गलत व्यक्तियों का प्रवेश हो जाता है तो परेशानियां उठानी पड़ती हैं. इसलिए इन बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए.

इस आदत के व्यक्तियों से बचना चाहिए
चाणक्य के अनुसार ऐसे लोगों से दूरी बना कर रखनी चाहिए जो हर बात को बढ़ा चढ़ाकर प्रस्तुत करते हैं, ऐसे लोग दूसरों के सामने दिखावा करते हैं और अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी कर सकते हैं. चाणक्य के अनुसार ऐसे लोगों का विश्वास नहीं करना चाहिए. क्योंकि समय आने पर ऐसे व्यक्ति साथ छोड़ देते हैं. क्योंकि ऐसे लोगों में आत्मविश्वास की कमी होती है. ये अपनी कमी को छिपाने के लिए भी ऐसा करते हैं. दिखावा करने वाले व्यक्तिओं से बचकर रहना चाहिए. ऐसे लोगों का मकसद स्वयं को बेहतर दिखाना होता है. इसके लिए ये झूठ का भी सहारा लेते हैं.

बच्चों के मामले में कभी न भूलें ये बात
चाणक्य के अनुसार बच्चों के मामले में माता पिता को बहुत गंभीर रहना चाहिए. जो माता पिता अपने बच्चों की गलतियों को अनदेखा करते हैं और समय आने पर रोकते नहीं हैं वे आगे चलकर बहुत दुख और कष्ट उठाते हैं. चाणक्य के अनुसार बच्चे जब गलती करते हैं तो माता पिता को बहुत ही सावधानी से समझाना चाहिए और अच्छे बुरे का भेद बताना चाहिए. यादि माता पिता बच्चों की गलतियों को दूर नहीं करते हैं तो बच्चे को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. चाणक्य के अनुसार एक उम्र के बाद यदि बच्चा गलती करता है तो उसे तुरंत रोकते हुए समझाना चाहिए. बच्चा भविष्य में ऐसी गलत दोबारा न करे इसके लिए प्रेरित करना चाहिए.

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