भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवरात्रि पर करें ये उपाय, दूर होंगी सभी समस्या

पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि का पर्व इस वर्ष 11 मार्च को फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी की तिथि को मनाया जाएगा. महाशिवरात्रि पर इस वर्ष एक विशेष शुभ योग का निर्माण हो रहा है, जो इस शिवरात्रि की महिमा में वृद्धि करता है. इस वर्ष महाशिवरात्रि के दिन शिव योग बन रहा है. शिव योग में भगवान शिव की विधि पूर्वक पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है.
शिवरात्रि पर अभिजित मुहूर्त का समय पंचांग के अनुसार 11 मार्च को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 08 मिनट से 12 बजकर 55 तक रहेगा. मान्यता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों का अभिजित फल प्राप्त होता है. चार प्रहर की पूजा महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा प्रहर पूजा का विधान भी है. मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि पर भगवान की पूजा रात्रि के समय चार प्रहर में करने से विशेष फल प्राप्त होता है. वेदों में रात्रि के चार प्रहर बताए गए हैं. महाशिवरात्रि निशिता काल मुहूर्त पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि यानि 11 मार्च को प्रात: 12 बजकर 06 मिनट से प्रात: 12 बजकर 55 मिनट तक निशिता काल रहेगा. इसके साथ ही महाशिवरात्रि के व्रत का समापन यानि पारण मुहूर्त 12 मार्च को प्रात: 06 बजकर 34 मिनट से दोपहर 03 बजकर 02 तक बना हुआ है. महाशिवरात्रि पर करें ये उपाय भगवान शिव सभी प्रकार की मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाले मान गए हैं. जिन लोगों के जीवन में किसी भी प्रकार की बाधाएं बनी हुई हैं. उन्हें इस दिन विधि पूर्वक व्रत के नियमों का पालन करते हुए पूजा करनी चाहिए. महाशिवरात्रि पर प्रात: काल अभिषेक करने से लाभ मिलता है. इस दिन भगवान शिव की प्रिय चीजों का अर्पण और भोग लगाना चाहिए. जिन लोगों की कुंडली में शनि, राहु और केतु से निर्मित कोई भी अशुभ योग बना हुआ है, दूर होता है.
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