चैत्र नवरात्रि: जानिए इस बार किस वाहन पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा

नवरात्रि में मां दुर्गा जिस वाहन पर सवार होकर आती है उसका विशेष महत्व माना गया है. इस वर्ष चैत्र नवरात्रि का पर्व पंचांग के अनुसार 13 अप्रैल से आरंभ हो रहा है. नवरात्रि के मौके पर मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है. मां दुर्गा को शक्ति का प्रतीक माना गया है. मां दुर्गा की पूजा करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

नवरात्रि का पर्व इस वर्ष 13 अप्रैल मंगलवार से आरंभ होगा. प्रथम दिन घटस्थापना की जाएगी. नवरात्रि के पर्व का समापन 22 अप्रैल 2021 को किया जाएगा. नवरात्रि का पर्व उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, गुजरात, बंगाल सहित पूरे भारत में मनाया जाता है. नवरात्रि के मौके पर व्रत रखने की परंपरा है. मां के भक्त पूरे 9 दिनों तक व्रत रखकर मां की उपासना करते हैं. नवरात्रि के पावन मौके पर मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि की पूजा की जाती है. इन सभी देवियों का विशेष महत्व माना गया है. इन सभी देवियों की पूजा करने से नवग्रहों की शांति भी होती है.

घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
नवरात्रि में मां दुर्गा के वाहन का भी विशेष महत्व माना गया है. ऐसा माना जाता है कि मां दुर्गा हर नवरात्रि के प्रथम दिन अलग अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं. मोदिनी ज्योतिष शास्त्र में इस पर प्रकाश डाला गया है. मां के वाहन से भी सुख समृद्धि का पता लगाया जाता है. विशेष बात ये है कि वर्ष 2020 में जिस वाहन से मां दुर्गा सवार होकर आईं भी इस वर्ष भी उसी वाहन पर सवार होकर मां दुर्गा आ रही हैं. यानि इस वर्ष मां के वाहन में कोई बदलाव नहीं है. वर्ष 2021 में वासंतिक नवरात्रि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को भी मां दुर्गा का वाहन अश्व ही रहेगा. इस वर्ष मंगलवार से चैत्र नवरात्रि प्रारंभ हो रहे हैं. इसलिए मां का वाहन अश्व है.

बच्चों के सामने माता पिता को इन बातों का रखना चाहिए ध्यान
क्या है आज का पंचांग, जानिए शुभ-अशुभ मुहूर्त

Check Also

शनिदेव: भाग्यदेवता को यंत्र से करें खुश, शनि का यंत्र है अत्यंत फलदायी

शनिदेव के उपायों में तेल तिलहन का दान, रत्नों का धारण एवं मंत्र जाप प्रमुखता …