जानें अप्रैल में किस दिन से शुरू हो रही है चैती छठ पूजा, व्रत-उपवास के नियम

आस्था का महापर्व छठ साल में दो बार मनाया जाता है. मान्यताओं के अनुसार ये पर्व चैत्र महीने और कार्तिक के महीने में काफी धूमधाम के साथ मनाया जाता है. चार दिन तक चलने वाले इस महापर्व पर साफ-सफाई का खास ख्याल रखा जाता है. इस व्रत को करने के नियम काफी कठिन होते हैं इसी कारण इसे महापर्व कहा जाता है. इस पर्व को पूरी सावधानी के साथ किया जाता है. जरा सभी गलती काफी अशुभ मानी जाती है.

16 अप्रैल 2021 से शुरू होगा चैती छठ महापर्व

बता दे कि चैती छठ 16 फरवरी से शुरू होकर 19 अप्रैल तक चलेगा. 16 अप्रैल 2021 शुक्रवार को चतुर्थी के दिन नहाय-खाय किया जाएगा. 17 अप्रैल 2021 शनिवार को पंचमी तिथी में लोहंडा या खरना होगा. इस दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और शाम में गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाकर सूर्य देव की पूजा करने के बाद इसी प्रसाद के साथ कुछ खाया जाता है.  18 अप्रैल 2021 रविवार के दिन षष्ठी तिथी में सांयकाल को सूर्य देवता को अर्घ्य दिया जाएगा. शाम के समय नदी या ताला में खड़ी होती हैं और सूर्य भगवान से पार्थना करती हैं. फिर एक निश्चित समय पर भगवान भाष्कर को अर्घ्य दिया जाता है.

19 अप्रैल को संपन्न होगा चैती छठ महापर्व

वहीं 19 अप्रैल सोमवार को सप्तमी तिथी में सूर्य देव को सुबह का अर्घ्य दिया जाएगा. इस दिन भी महिलाएं सूर्योदय से पहले ही नदी या तालाब में पार्थना के लिए खड़ी होती है. फिर जैसे ही सूर्योदय होता है सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया जाता है. इसके बाद व्रती कुछ खाकर अपना व्रत तोड़ती हैं. इस प्रकार छठ का त्योहार संपन्न होता है.

छठी मैया की होती है आराधना

इस पर्व में विशेष रूप से छठी मैया की पूजा की जाती है. शास्त्रों के मुताबिक छठी माता भगवान सूर्य की मानस बहन हैं. और उनकी पूजा करने से सूर्यदेव को प्रसन्न किया जा सकता है. ये भी कहा जाता है कि षष्ठी मां यानी छठी मैय्या बच्चों की रक्षा करने वाली देवी हैं. इस व्रत का नियमपूर्वक पालन करने से संतान की लंबी आयु का वरदान प्राप्त होता है.

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