शनिदेव को कहा जाता है न्याय के देवता, जानिए खास बातें

शनिदेव का काम व्यक्ति को अच्छे बुरे कर्मों के आधार पर सजा देकर सुधारना होता है. ऐसा वे न्याय के देवता के रूप में करते हैं. इसे सकारात्मक रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए. शनिदेव की दृष्टि अत्यंत प्रभावशाली है. कहा जाता है कि शनिदेव की सीधी नजर से सभी को बचना चाहिए. शनिदेव की विभिन्न विशेषताएं ये हैं-
-शनिदेव का काला रंग है. काला रंग उन्हें प्रिय भी है. -जन्मस्थान शिंगणापुर महाराष्ट्र है. -धातु लौहा है. इसके उत्पादन से राष्ट्र को मजबूती और वैभव प्राप्त होता है. -शनिदेव मृत्युलोक के ऐसे स्वामी हैं, जो समय आने पर व्यक्ति के अच्छे-बुरे कर्मों के आधार पर सजा देकर सुधारने के लिए प्रेरित करते हैं. -शनिदेव न्यायाधीश हैं. उन्हें अन्याय हमेशा अप्रिय होता है. वे दोषी को दंड देते हैं. इसलिए उन्हें क्रूर समझा जाता है. -शनि की प्रिय वस्तुएं तेल, कोयला, लौह, काला तिल, उड़द, जूता, चप्पल हैं। इन्हें दान किया जाना हितकर है. -शनि का वाहन गिद्ध तथा रथ लोहे का बना हुआ है. -शनिदेव का आयुध धनुष्य बाण और त्रिशूल है. -शनिदेव के लिए समय तथा श्रमदान सर्वाेत्तम दान माना जाता है. -शनिदेव अध्यात्म के कारक ग्रह हैं, किसी भी आराधना, साधना, सिद्धि हेतु शनिदेव की उपासना परमावश्यक है. -शनिदेव संगठन के मालिक हैं. उनकी कृपा बिना संयुक्त परिवार या राजनीतिक उत्कर्ष की कल्पना असंभव है. -शनिदेव सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, प्रशासनिक, विद्या, व्यापार आदि में ऊंचाई देने का कार्य करते हैं. -शनिदेव रोगमुक्ति तथा आयुवृद्धि दाता हैं. -शनिदेव की दृष्टि से राजा से लेकर रंक तक सभी प्रभावित होते हैं. इसलिए डरे हुए रहते हैं. -शनिदेव नश्वर जगत के शाश्वत देव हैं.
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