बसंत पंचमी के दिन ही शादी के लिए क्यों होता है अबूझ मुहूर्त?

हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 14 फरवरी 2024 दिन, बुधवार को है। इस खास अवसर पर विधिपूर्वक मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। देश के अधिकतर सभी राज्यों में इस त्योहार को अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है।

मान्यता के अनुसार, बसंत पंचमी का दिन विवाह करने के लिए उत्तम होता है। शादी करने वाले जोड़ें इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि जिनकी शादी में किसी प्रकार की दिक्कतें आ रही होती हैं उनके लिए बसंत पंचमी के दिन शादी करना शुभ होता है और उनका वैवाहिक जीवन सुखमय होता है। चलिए आपको बताते हैं कि बसंत पंचमी के दिन क्यों होता है अबूझ मुहूर्त?

क्यों होता है अबूझ मुहूर्त?

ऐसा कहा जाता है कि जिन लोगों की शादी में कोई रुकावट आ रही होती है, तो वह बसंत पंचमी के दिन विवाह कर सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर पूरे दिन कोई भी दोष नहीं होता है और श्रेष्ठ योग होता है। इस तिथि पर रवि योग का बेहद शुभ योग बनता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती का तिलकोत्सव हुआ था और उनकी शादी की रस्मों की शुरुआत हुई थी। यही वजह है कि बसंत पंचमी का दिन विवाह के लिए शुभ माना जाता है।

विवाह मुहूर्त

सनातन धर्म में इस समय शादी के लिए शुभ मुहूर्त चल रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, माघ माह में साल 2024 के सबसे अधिक लग्न मुहूर्त रहेंगे। माघ के महीने पूरे माह में 18 दिन शुभ मुहूर्त रहेंगे। इसके बाद 15 मार्च से 16 अप्रैल 2024 तक खरमास रहेगा, जिसकी वजह से विवाह और मांगलिक कार्य नहीं होंगे।

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