गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश को समर्पित है जो 10 दिनों तक चलता है। इन दिनों में बप्पा भक्तों के घर वास करते हैं। साथ ही भक्त उनकी विशेष पूजा करते हैं और तरह-तरह के भोग चढ़ाते हैं। गणेश जी को उनके प्रिय भोग ) चढ़ाने से सभी कष्टों का अंत होता है तो आइए बप्पा के प्रिय भोग के बारे में जानते हैं।
गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश को समर्पित है, जो 10 दिनों तक चलता है। इन 10 दिनों में बप्पा अपने भक्तों के घर में वास करते हैं और उनके दुख-दर्द दूर करते हैं। इस दौरान भक्त उनकी विशेष पूजा करते हैं और उन्हें तरह-तरह के भोग चढ़ाते हैं। ऐसी मान्यता है कि गणेश जी को उनके प्रिय भोग चढ़ाने से सभी कष्टों का अंत होता है, तो आइए बप्पा के प्रिय भोग के बारे में जानते हैं।
10 दिनों तक गणेश जी को लगाएं ये भोग
पहले दिन – गणेश चतुर्थी के पहले दिन भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाने से बप्पा की कृपा मिलती है। मोदक गणेश जी का सबसे प्रिय भोग है। इसे अर्पित करने से वे बहुत प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती हैं। हालांकि पहला दिन गुजर चुका है, इसलिए आप दूसरे दिन से गौरी पुत्र को उनके प्रिय भोग चढ़ाने की शुरुआत कर सकते हैं।
दूसरे दिन – दूसरे दिन बप्पा को लड्डू का भोग लगाएं। बूंदी के लड्डू या बेसन के लड्डू अर्पित करने से आपके रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं।
तीसरे दिन – तीसरे दिन भगवान गणेश को केले का भोग लगाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
चौथे दिन – इस दिन आप गणेश जी को गुड़ और नारियल से बनी चीजें अर्पित कर सकते हैं। यह भोग उन्हें बहुत पसंद है।
पांचवें दिन – पांचवें दिन भगवान गणेश को खीर का भोग लगाएं। इससे जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।
छठे दिन – छठे दिन बप्पा को मखाने की खीर चढ़ाएं। यह भोग रोग-दोष से मुक्ति दिलाता है।
सातवें दिन – इस दिन गणेश जी को पूरन पोली का भोग लगा सकते हैं। इसे महाराष्ट्र में विशेष रूप से बनाया जाता है। माना जाता है कि इसे अर्पित करने से जीवन के सभी दुखों से मुक्ति मिलती है।
आठवें दिन – आठवें दिन आप भगवान गणेश को हलवा अर्पित कर सकते हैं। इससे करियर और व्यवसाय में तरक्की मिलती है।
नौवें दिन – नौवें दिन बप्पा को सूजी का हलवा या सूजी का शीरा चढ़ाएं। यह भोग आर्थिक संकटों को दूर करता है।
दसवें दिन – अनंत चतुर्दशी से एक दिन पहले भगवान गणेश को पंचामृत का भोग लगाएं। कहा जाता है कि इसे अर्पित करने से कार्यक्षेत्र में सफलता मिलती है।
अनंत चतुर्दशी – इस दिन गणेश विसर्जन होता है। विसर्जन से पहले बप्पा को उनके प्रिय मोदक का भोग लगाकर उनसे अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगें और अगले साल जल्दी आने की विनती करें।