धनतेरस से इन राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन

भगवान विष्णु की पूजा करने से देवगुरु बृहस्पति प्रसन्न होते हैं। अपनी कृपा साधकों पर बरसाते हैं। गुरु की कृपा से जातक को करियर और कारोबार में मनमुताबिक सफलता मिलती है। गुरुवार के दिन पीले रंग की चीजों का दान करने से कुंडली में गुरु मजबूत होता है।

वैदिक पंचांग के अनुसार, शनिवार 18 अक्टूबर को धनतेरस है। यह पर्व हर साल कार्तिक माह में मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही सोने-चांदी की खरीदारी की जाती है। भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। इसके साथ ही आरोग्यता का वरदान मिलता है।

ज्योतिषियों की मानें तो धनतेरस के दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति देव राशि परिवर्तन करेंगे। बृहस्पति देव के राशि परिवर्तन करने से कई राीशि के जातकों के जीवन में बदलाव आएगा। इनमें दो राशि के जातकों को आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलेगी। साथ ही करियर और कारोबार को नया आयाम मिलेगा। आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-

गुरु गोचर 2025
वर्तमान समय में देवताओं के गुरु बृहस्पति देव मिथुन राशि में विराजमान हैं। वहीं, धनतेरस के दिन देवगुरु बृहस्पति राशि परिवर्तन करेंगे। इस दिन बृहस्पति देव कर्क राशि में गोचर करेंगे। बृहस्पति देव के कर्क राशि में गोचर करने से मिथुन और कन्या राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलेगा। बृहस्पति देव कर्क राशि में 4 दिसंबर तक रहेंगे। इसके अगले दिन बृहस्पति देव वक्री चाल चलकर मिथुन राशि में गोचर करेंगे।

मिथुन राशि

बृहस्पति देव के कर्क राशि में गोचर करने से मिथुन राशि के जातकों को लाभ मिल सकता है। धन-धान्य में बढ़ोतरी होगी। विभिन्न माध्यमों से आप धन कमाने में सफल होंगे। कारोबार से जुड़े लोगों को धन लाभ होगा। ज्वेलरी से जुड़े कारोबारियों को दोगुना लाभ मिल सकता है। इसके अलावा, विभिन्न माध्यमों से भी आप धन कमा सकते हैं। सरकारी क्षेत्रों से जुड़े लोगों को विशेष काम में सफलता मिलेगी। शत्रुओं पर विजय मिलेगी। पद-प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में वृद्धि होगी। आप मधुरभाषी होंगे। आप अपनी वाणी से लोगों को प्रभावित करने में सफल होंगे। धन एकत्र करने में सफल होंगे। अपने गुरुओं का सम्मान करें। धनतेरस के दिन सोने या चांदी से निर्मित आभूषणों की खरीदारी कर सकते हैं।

कन्या राशि

देवगुरु बृहस्पति की कृपा से आपमें सत्कर्म गुणों का विकास होगा। आप दीर्घायु होंगे। आपमें परोपकार के गुणों का विकास होगा। आप कुशाग्र और बुद्धिमान होंगे। सत्य की राह पर चलेंगे। आने वाले समय में आप सम्मानित हो सकते हैं। आपको राजाओं की तरह सुख मिल सकता है। आपकी मित्रता कुलीन लोगों से हो सकती है। आपके स्वभाव से लोग प्रभवित होंगे। आप उत्तम कार्यों के लिए जाने जाएंगे। घर में अन्न-धन की कमी नहीं होगी। आय के कई साधन बनेंगे। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

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