हिंदू परंपरा में विवाह जैसे सभी शुभ कार्य उचित मुहूर्त देखकर ही किए जाते हैं। वर्ष 2025 के अंतिम महीने दिसंबर में विवाह के बहुत कम शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं, और इसका मुख्य कारण है शुक्र ग्रह का अस्त होना। जब शुक्र अस्त होता है, तब विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। हालांकि, खरीदारी, नए सामान की शुरुआत या अन्य छोटे शुभ कार्यों के लिए कुछ मुहूर्त इस महीने में उपलब्ध रहेंगे।
शुक्र अस्त रहने के कारण वर्ष 2026 के पहले महीने जनवरी में भी विवाह का कोई शुभ मुहूर्त नहीं रहेगा। ऐसे में जिन लोगों ने शादी की योजना बनाई है, उन्हें थोड़ी और प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। दिसंबर 2025 में उपलब्ध सीमित मुहूर्तों और वर्ष 2026 में विवाह के शुभ समय कब से शुरू होंगे। यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है ताकि विवाह की तैयारी समय पर पूरी की जा सके।
11 दिसंबर को अस्त होगा शुक्र
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 11 दिसंबर को शुक्र तारा अस्त हो जाएगा, जिसके बाद विवाह जैसे शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। इस कारण नवंबर और दिसंबर 2025 को मिलाकर केवल 7 ही विवाह के शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। नवंबर में 28 और 29 तारीख को शादी के योग बनेंगे, जबकि दिसंबर में सिर्फ 1, 4, 5, 6 और 7 तारीख को ही विवाह संपन्न किए जा सकेंगे। दिसंबर में सबसे अधिक शादियां 1 दिसंबर को होने की संभावना है, क्योंकि इस दिन मोक्षदा एकादशी पड़ रही है, जो अत्यंत शुभ मानी जाती है।
2026 में कब शुरू होंगे विवाह मुहूर्त
यदि वर्ष 2026 के विवाह मुहूर्तों की बात करें तो यह साल शादी-ब्याह के लिए काफी अनुकूल माना जा रहा है, क्योंकि पूरे वर्ष में कुल 59 शुभ विवाह मुहूर्त बन रहे हैं। जनवरी को छोड़ दिया जाए क्योंकि इस महीने विवाह नहीं होंगे तो फरवरी से एक बार फिर शुभ समय शुरू हो जाएगा।
फरवरी 2026 में सबसे अधिक 12 शुभ विवाह मुहूर्त रहेंगे, इसलिए इस महीने में बड़ी संख्या में विवाह होने की संभावना है। इसके बाद मार्च में 9 मुहूर्त, अप्रैल और मई में 8 मुहूर्त, जून में 7 मुहूर्त तथा जुलाई में 4 विवाह मुहूर्त उपलब्ध होंगे। कुल मिलाकर 2026 विवाह के लिए बेहद शुभ और अनुकूल वर्ष रहेगा।
दिसंबर में खरीदी के शुभ योग
भले ही नवंबर और दिसंबर 2025 में विवाह के शुभ मुहूर्त कम हैं, लेकिन खरीदी के लिए लगभग 20 शुभ योग बन रहे हैं। इन शुभ योगों में आप विवाह की तैयारियों, नए सामान की खरीद या अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए निश्चिंत होकर खरीदारी कर सकते हैं। इन शुभ समयों में 12 सर्वार्थसिद्धि योग, 3 अमृत सिद्धि योग, 4 रवि योग और अन्य विशेष योग शामिल हैं।
रवि योग- 2, 3, 4, 10, 23, 25, 26, 28, 29 और 30 दिसंबर
सर्वार्थ सिद्धि योग- 2, 3, 8, 9, 14, 17, 18, 22, 23, 28 और 31 दिसंबर
अमृत सिद्धि योग- 2, 14 और 17 दिसंबर
द्विपुष्कर योग- 6 दिसंबर
त्रिपुष्कर योग- 16, 22, 27 और 31 दिसंबर
Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।