हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर महीने के आखिरी तिथि पर पूर्णिमा मनाई जाती है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन श्रीहरि की पूजा करने से जीवन की सभी बाधाओं से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि माघ पूर्णिमा की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में।
माघ पूर्णिमा 2026 डेट और शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा की तिथि की शुरुआत 01 फरवरी को सुबह 05 बजकर 52 मिनट पर होगी। वहीं, तिथि का समापन 02 फरवरी को देर रात 03 बजकर 38 मिनट पर होगा। ऐसे में 01 फरवरी को माघ पूर्णिमा मनाई जाएगी।
सूर्योदय और चन्द्रोदय का समय
सूर्योदय- सुबह 07 बजकर 09 मिनट पर
सूर्यास्त- शाम 06 बजे
चन्द्रोदय- शाम 05 बजकर 26 मिनट पर
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त- 05 बजकर 24 मिनट से 06 बजकर 17 मिनट पर
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट पर
गोधूलि मुहूर्त- शाम 05 बजकर 58 मिनट से 06 बजकर 24 मिनट पर
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 23 मिनट से 03 बजकर 07 मिनट पर
माघ पूर्णिमा के नियम
माघ पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें।
क्रोध, विवाद और झूठ बोलने से बचें।
काले रंग के कपड़े धारण न करें।
घर और मंदिर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
मंदिर या गरीब लोगों में अन्न, तिल और कपड़े समेत आदि चीजों का दान करें।
दान का महत्व
सनातन धर्म में माघ पूर्णिमा के दिन दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन पूजा-अर्चना करने के बाद श्रद्धा अनुसार गुड़, तिल, कपड़े, घी और दूध का दान करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्णिमा के दिन दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं। साथ ही जीवन में कोई कमी नहीं होती है। इसलिए माघ पूर्णिमा के दिन दान जरूर करने की सलाह दी जाती है। इससे साधक को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।