माता सीता के प्राकट्य उत्सव को जानकी जयंती या सीता अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को सीता जी का अवतरण हुआ था। इस साल इस तिथि को लेकर लोगों में थोड़ी कन्फ्यूजन है कि यह 9 या 10 फरवरी कब मनाई जाएगी? तो आइए वैदिक पंचांग के अनुसार, इसकी सही तारीख जानते हैं, जो इस प्रकार हैं –
जानकी जयंती 2026 कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 9 फरवरी 2026, को सुबह 05 बजकर 01 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, अष्टमी तिथि का समापन 10 फरवरी 2026, को सुबह 07 बजकर 27 मिनट पर होगा। ऐसे में 9 फरवरी को जानकी जयंती मनाई जाएगी।
पूजा विधि
सुबह स्नानादि के बाद पीले या लाल वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें।
एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।
उस पर भगवान राम और माता सीता की प्रतिमा स्थापित करें।
गंगाजल और फिर पंचामृत से स्नान कराएं।
माता सीता को सुहाग की सामग्री अर्पित करें।
सिंदूर चढ़ाना इस दिन बहुत फलदायी माना जाता है।
माता को पीले फल, फूल और घर में बने हलवे या केसरिया भात का भोग लगाएं।
घी का दीपक जलाएं और ‘राम-सिया’ के भजनों का पाठ करें।
अंत में जानकी माता की आरती करें।
पूजा में हुई सभी गलती के लिए माफी मांगे।
जानकी जयंती का महत्व
यह पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि नारी शक्ति, त्याग और पवित्रता के सम्मान का दिन है। ऐसी मान्यता है कि जो महिलाएं इस दिन व्रत रखती हैं, उनके वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। वहीं, कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर प्राप्त होता है।
करें यह उपाय
अगर आप आर्थिक तंगी या वैवाहिक जीवन के कष्टों से लगातार परेशान हैं, तो इस दिन जानकी स्तोत्र का पाठ करें और पूजा के बाद सुहाग सामग्री किसी जरूरतमंद विवाहित महिला को दान करें। ऐसा करने से आपकी सभी मुश्किलों का अंत होगा। साथ ही मां जानकी की कृपा मिलेगी।
Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।