इस मंदिर में की जाती है मां शक्ति के हार की पूजा

मध्य प्रदेश एक बहुत ही खूबसूरत राज्य है. यहां पर मौजूद पुराने किले, कल्चर, इतिहास और प्राकृतिक खूबसूरती पूरे देश में मशहूर है. मध्यप्रदेश में उज्जैन और ओंकारेश्वर जैसे ज्योतिर्लिंग भी मौजूद हैं. इसके अलावा मध्य प्रदेश में एक ऐसा मंदिर भी मौजूद है जहां पर मां दुर्गा के गले के हार की पूजा की जाती है. मैहर में पहाड़ों के बीच बने इस मंदिर में जाने के लिए 1680 सीढ़ियों का सफर तय करना पड़ता है. 

ऐसा माना जाता है कि जब देवी शक्ति के जले हुए शरीर को अपने कंधे पर लेकर भगवान शिव यहां वहां घूम रहे थे. तब भगवान विष्णु ने अपने चक्र के द्वारा देवी शक्ति के शरीर को कई टुकड़ों में विभाजित कर दिया था. तब देवी सती का हार मैहर में गिरा था और तब से यहां पर उनके हार की पूजा की जाती है. 

आप सुबह-सुबह माता के मंदिर में दर्शन के लिए जा सकते हैं. सुबह के समय यहां पर भीड़ ना के बराबर होती है. माता का मंदिर सुबह 5:00 बजे खुलता है, पर माता के दर्शनों के लिए लोग रात से ही इकट्ठा होने लगते हैं. नवरात्रि के मौके में यहां पर बहुत भीड़ होती है. मैहर देवी के मंदिर  के पट रात के 10:00 बजे बंद हो जाते हैं. मंदिर बंद करने से पहले पंडित देवी पर चढ़ाए गए सभी फूलों को हटा देते हैं, पर जब सुबह के समय मंदिर का पट खुलता है तो माता के चरणों में हमेशा गुलाब का एक ताजा फूल चढ़ा मिलता है. इस रहस्य को आज तक कोई भी नहीं जान पाया है.

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