किसी भी शुभ काम को करने से पहले हम श्री गणेश की आराधना करते है। कहा जाता है की किसी भी कार्य को करने से पूर्व ही यदि हम भगवान श्री गणेश की आराधना करते है तो वह कार्य बिना किसी विपदा के सम्पूर्ण होता है। श्री गणेश को सभी देवी देवताओ में सर्वोपरि माना जाता है। इसलिए श्री गणेश …
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कर्म मे ही छिपा है मानव का धर्म
कर्म कांडो से ही व्यक्ति अपने जीवन को महान बना सकता है. गीता में भगवान श्री क्रष्ण ने कर्म को महान बताते हुए अर्जुन को अनेकों उपदेश देते हुए युद्ध के लिए कहा पर अर्जुन वहाँ धर्म संकट में पड़ गया जबकि उसे पता था की उसके परिवारिक व्यक्ति ही बुरे कार्य करते हुए उसके खिलाफ एक बड़ा सणयंत्र रच …
Read More »सती का अर्थ पति के प्रति सत्यनिष्ठा
पत्नी की सत्यनिष्ठा पति है हिन्दू धर्म में इसे आदर्श के रूप में देखा गया है। स्त्री संतान को जन्म देती है। बालक/बालिका को प्रारम्भिक संस्कार अपनी माता से ही मिलता है। यदि स्त्री स्वेच्छाचारिणी होगी तो उसकी संतान में भी उस दुर्गुण के आने की अत्यधिक सम्भावना रहेगी। पुरुष संततिपालन का भार उठाने को प्राय: तभी तैयार होगा जब …
Read More »चंदन, पुष्प चढ़ाकर करे भोलेनाथ का पूजन
सोमवार को भगवान भोलेनाथ का वार माना जाता है। यूं तो हर दिन ही भगवान शिव की आराधना और पूजा-अर्चना की जा सकती है लेकिन सोमवार के दिन उनकी आराधना करने से उनका आशीर्वाद तो मिलता ही है, प्रसन्न होकर मनोकामनाओं भी पूरी कर देते है। आज के दिन सोमवार को भगवान शिव को चंदन और पुष्प अर्पित कर मनाया …
Read More »शुभ कामो पर लगेगी बाधा, होलाष्टक का है ये वादा
5 मार्च तक होलाष्टक का आरंभ हो रहा है इन 8 दिनों तक शुभ काम न करें. इसका ज्योतिषीय कारण अधिक वैज्ञानिक, तर्क सम्मत तथा ग्राह्य है. ज्योतिष के अनुसार, अष्टमी को चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल, तथा पूर्णिमा को राहू उग्र स्वभाव के हो जाते …
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