कहा जाता है कि जीवन का दूसरा नाम ही अध्यात्म है। लोकतान्त्रिक व्यवस्था में जैसे मुख्य सिद्धांत है- जनता के लिए, जनता के द्वारा, जनता का शासन ठीक उसी प्रकार अध्यात्म व्यवस्था के लिए स्वयं के द्वारा, स्वयं का अनुशासन होता है। व्यक्ति स्वयं पर अनुशासन कर लेता है तो उसे नि:संदेह आत्मानुभूति होती है। यह जागृत आत्मानुभूति ही …
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महादेव की आराधना से पूरे होते हैं बिगड़े काम
कहते हैं कि महादेव की आराधना करने से जीवन में उपजे तनाव, मानसिक अशांति, तरह-तरह की बीमारियों में राहत मिलती है और रोजगार में लाभ होता है। शास्त्रों में सर्व प्रामाणिक देवाधि देव महादेव की साधना को अति महत्व दिया है। कहते हैं कि महादेव की आराधना करने से जीवन में उपजे तनाव, मानसिक अशांति, तरह-तरह की बीमारियों में राहत …
Read More »यहां मिला है ये पर्वत, क्या इसी से हुआ था समुद्र मंथन?
देवताओं और असुरों द्वारा किए गए समुद्र मंथन की कथा हम सभी जानते हैं। इस कथा के अनुसार देवता व असुरों ने नागराज वासुकि की नेती बनाकर मंदराचल पर्वत की सहायता को समुद्र को मथा था। समुद्र मंथन से ही लक्ष्मी, चंद्रमा, अप्सराएं व भगवान धन्वंतरि अमृत लेकर निकले थे। आर्कियोलॉजी और ओशनोलॉजी डिपार्टमेंट ने सूरत जिले के पिंजरात गांव …
Read More »सुबह उठते ही हों ये बातें तो समझ लें दूर होने वाली है गरीबी
किसी भी व्यक्ति की पैसों से जुड़ी इच्छाएं कब पूरी होंगी, महालक्ष्मी की कृपा कब मिलेगी, यह जानने के लिए ज्योतिष में कुछ संकेत बताए गए हैं। मान्यता है कि जब भी ये संकेत मिलते हैं तो समझ लेना चाहिए कि व्यक्ति को लक्ष्मी की कृपा मिलने वाली है और पैसों की परेशानियां दूर होने वाली हैं। जानिए लक्ष्मी कृपा …
Read More »विवेकानंद ने भी किए थे इस मंदिर में दर्शन, यहां तपस्या देती है शीघ्र फल
उत्तराखंड में स्थित एक तीर्थस्थल अपने प्राचीन इतिहास और भव्यता के साथ ही एक वैज्ञानिक रहस्य के कारण भी प्रसिद्ध है। यह अल्मोड़ा के निकट एक गांव में स्थित है। यहां मां भगवती कसार देवी के रूप में विराजमान हैं। मंदिर से जुड़े इतिहास के अनुसार, यह दूसरी शताब्दी में बनवाया गया था। 1960 के दशक में यह हिप्पियों …
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Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।