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न्याय के देवता शनिदेव के साहस के कारण ही रावण का पुत्र मेघनाद हुआ था अल्पायु : धर्म

रावण ज्योतिष विद्या का प्रकाण्ड विद्वान था। कहते हैं एक बार उसने अपने ज्योतिष ज्ञान के बल से सभी ग्रहों को अपने एक स्थिति में रहने के लिए बाध्य कर दिया था। इस दौरान जब सभी ग्रह रावण के भय से त्रस्त थे। उसी समय कर्मफलदाता शनि रावण के खिलाफ विद्रोह कर रहे थे. रावण की पत्नी मंदोदरी जब मेघनाथ …

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वास्तुशास्त्र में झाड़ू को लक्ष्मीजी का प्रतीक माना गया है शनिवार के दिन झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है: धर्म

सनातन धर्म की मान्यता के अनुसार जिस घर में स्वच्छता होती है वहां नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं करतीं। साफ-सुथरे घर में मां लक्ष्मी का निवास होता है। यही कारण है कि दिवाली व अन्य त्योहारों पर हम अपने घरों की विशेष साफ-सफाई करते हैं जिससे घर में मां लक्ष्मी का आगमन हो। वास्तुशास्त्र में झाड़ू को लक्ष्मीजी का प्रतीक माना …

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शुभता और पवित्रता के लिए घर का मंदिर उत्तर-पूर्व दिशा में ही बनाना चाहिए: धर्म

सनातन धर्म को मानने वाले हर व्यक्ति के घर में एक छोटा सा मंदिर अवश्य बना होता है। जहां पर सभी अपने इष्ट देव की पूजा आराधना करते हैं। घर में मंदिर बहुत पवित्र स्थान होता है। इस स्थान पर हम अपने देवी-देवताओं को विराजमान करते हैं। इसलिए इस स्थान को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। घर में मंदिर बनाते …

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मनुष्य के लिए अन्न के दान को सबसे बड़ा दान बताया गया है: धर्म

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियो में मनुष्य के लिए बहुत उपयोगी बातें बताई हैं। चाणक्य बहुत विद्वान थे। उन्हें हर विषय की गहरी समझ थी। उन्होंने नीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र आदि की रचना की। इन्हें कौटिल्य भी कहा जाता है।  इन्होंने तक्षशिला से शिक्षा प्राप्त की और वहीं पर शिक्षक भी हुए। आचार्य चाणक्य ने मनुष्य के को सफल बनाने कई महत्वपूर्ण …

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धर्म: पितृपक्ष पर श्राद्ध कर्म करने पर पितृदोषों से मुक्ति मिल जाती है

हर वर्ष पूर्वजों को तर्पण और उनके प्रति श्रद्धा भाव व्यक्त करने लिए हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद पूर्णिमा तिथि से लेकर आश्विन माह की सर्वपितृ अमावस्या तक का समय पितृपक्ष कहलाता है। पूर्वजों को श्रद्धासुमन अर्पित करने का यह महापर्व आरंभ होने जा रहा है। पितृपक्ष के दौरान हमारे पूर्वज पितरलोक से धरती पर अपने प्रियजनों के पास आते …

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