भगवान गणेश का स्वरूप बाल गणपति के रूप में है। भगवान के इस स्वरूप में उनकी छ: भुजाओं में अलग-अलग फल है और उनका शरीर लाल रंग का है। गणेश चतुर्थी पर बाल गणपति के इस इस रूप की पूजा होती है। 2. श्री तरुण गणपति – भगवान गणेश का यह स्वरूप उनके किशोर रूप को दर्शाता है। इनके इस …
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इंडोनेशिया में भगवान गणेश को मुस्लिम देश में शिक्षा, कला और विज्ञान का देवता माना जाता है यहाँ 20 हजार की नोट पर भगवान गणेश की तस्वीर अंकित है
देशभर में सादगी के साथ गणेश चतुर्थी यानि की भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाने की तैयारी की गई है। आज सूर्यास्त के साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा भगवान शिव की मूर्ति स्थापना की जाएगी। 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी पर गणेश प्रतिमा स्थापित कर उत्सव 10 दिनों तक चलेगा। चाहे बात महाराष्ट्र की करें या फिर दिल्ली की, हर कोई गणेश …
Read More »आज से करीब 100 साल पहले लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गणेशोत्सव की नींव रखी थी: धर्म
गणेश चतुर्थी का त्योहार इस साल 22 अगस्त से मनाया जा रहा है. गणेश चतुर्थी के बाद दस दिनों तक लगातार गणेशोत्सव की धूम देखने को मिलती है. गणेश चतुर्थी आस्था से तो जुड़ा ही हुआ है लेकिन स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में भी इसकी खास अहमियत रही है. आइए आपको बताते हैं गणेशोत्सव का बाल गंगाधर तिलक और देश की आजादी …
Read More »हिंदू धर्म के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए: धर्म
भगवान गणेश का महापर्व गणेश चतुर्थी आ गया है. इस साल गणेशोत्सव 22 अगस्त से 1 सितंबर तक मनाया जाएगा. हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार गणेश चतुर्थी से अगले 10 दिनों तक भगवान गणेश अपने भक्तों के बीच ही रहते हैं. गणपति के जन्मदिवस पर के रूप में मनाई जाने वाली गणेश चतुर्थी पर कई बातों का ध्यान रखना …
Read More »पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन मनाया जाता है: धर्म
आज प्रथम पूजनीय भगवान गणेश को समर्पित गणेश चतुर्थी का त्योहार है। शुभ योग और मुहूर्त में घर-घर बप्पा विराजमान होंंगे। गणेश चतुर्थी का उत्सव प्रत्येक वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। शनिवार 22 अगस्त को गणेश चतुर्थी पर गणेश प्रतिमा स्थापित कर 10 दिनों का गणेश उत्सव आरंभ हो गया है। पौराणिक मान्यता …
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Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।