सीता संग अधिष्ठाता रघुनाथ गर्भ गृह में विराजमान

29_05_2015-raghunathjiकुल्लू । हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के अधिष्ठाता रघुनाथ जी पिछले साल 10 दिसंबर को हुई चोरी की वारदात के बाद फिर माता सीता के साथ रघुनाथ मंदिर के गर्भ गृह में विराज गए हैं। वीरवार को महायज्ञ एवं प्रतिष्ठा समारोह संपन्न हो गया। रघुनाथ जी छड़ी बरदार महेश्वर सिंह और कारदारों ने यह आयोजन संपन्न करवाया। महायज्ञ एवं प्रतिष्ठा के बाद जय श्रीराम के उदघोष के बीच वीरवार को रघुनाथ गर्भगृह में विराजमान हुए।

भजन कीर्तन से कुल्लू शहर भक्तिमय हो गया। चोरी की वारदात के ठीक 45 दिन बाद रघुनाथ जी की त्रेतायुग कालीन मूर्ति बरामद हुई थी। तब से मंदिर में रघुनाथ जी को गर्भ गृह से सटे एक अन्य कक्ष में रखा गया था। 23 मई से मंदिर में चल रहे महायज्ञ में कुल्लू घाटी के देवताओं के चिन्ह भी मौजूद थे।

हजारों भक्तों ने इस मौके पर आयोजित भंडारे में प्रसाद भी ग्रहण किया। सिख संगठनों ने 23 मई से यहां कार सेवा की। अधिष्ठाता रघुनाथ जी महायज्ञ एवं प्रतिष्ठा समारोह संपन्न होने के बाद वीरवार को सीता जी संग गर्भगृह में विराजमान हो गए। मंदिर में गत वर्ष 10 दिसंबर को हुई चोरी की वारदात के बाद से रघुनाथ जी का गर्भगृह में प्रवेश नहीं हुआ था। चोरी की वारदात के ठीक 45 दिन बाद रघुनाथ जी की त्रेतायुग कालीन मूर्ति बरामद हुई थी। हालांकि मंदिर में अभी तक रघुनाथ जी को गर्भ गृह से सटे एक अन्य कक्ष में रखा गया था। महायज्ञ एवं प्रतिष्ठा के बाद जय श्रीराम के उदघोष के बीच वीरवार को रघुनाथ गर्भगृह में विराजमान हुए। 23 मई से मंदिर में चल रहे महायज्ञ का वीरवार को समापन हुआ। हजारों भक्तों ने इस मौके पर आयोजित भंडारे में प्रसाद भी ग्रहण किया।

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