धनतेरस के दिन कुबेर कुंजी की जरुर करे स्थापना, जानिए स्थापना के नियम

आने वाले 13 नवंबर के दिन धनतेरस का पर्व मनाया जाने वाला है। धनतेरस के दिन को धन त्रयोदशी या धन्वंतरि जंयती के नाम से पुकारते हैं। इस दिन को खरीदारी के लिए बहुत ही शुभ मानते है। जी दरअसल धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि और कुबेर देव की भी पूजा की जाती है। वहीँ शास्त्रों में पढ़ा जाए तो उसमे लिखा हुआ कि जिस तरह देवी लक्ष्मी सागर मंथन से उत्पन्न  हुई थीं, उसी तरह भगवान धन्वंतरि भी अमृत कलश के साथ सागर मंथन से उत्पन्न हुए थे।

इसी के साथ ऐसा भी कहा जाता है भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए ही धनतेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। वहीँ अब बात करें कुबेर देव के बारे में तो उन्हें धन का देवता कहते हैं और उन्हें पृथ्वी लोक पर मौजूद समस्त संपदा का स्वामी माना गया है। कहते हैं धनतेरस के दिन कुबेर कुंजी की स्थापना करना चाहिए क्योंकि इससे धन की बरसात होती है। अब आइए हम आपको बताते हैं कुबेर कुंजी की स्थापना कैसे करें।

कुबेर कुंजी की स्थापना के नियम – इसके लिए सबसे पहले कुबरे कुंजी की पूजा करें। अब इस पर हल्दी और सिंदूर चढ़ाकर माता महालक्ष्मी की आराधना करें। अब इसके बाद कुबेर कुंजी को अपने पर्स या तिजोरी में रखें। कहा जाता है धनतेरस के दिन कुबेर कुंजी की स्थापना करने से कुबेर देव की कृपा बनी रहती है और जीवन में कभी भी धन का अभाव नहीं होता है। ध्यान रहे कुबेर कुंजी की स्थापना करते समय इसे दूध, दही, शहद, घी और गंगा जल से स्नान कराएं और फिर विधिवत तरीके से कुबेर कुंजी की पूजा करें। पूजा करने के बाद दक्षिण की तरफ मुंह करके ‘ॐ कुबेराय नम:’ मंत्र जपें।

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