प्रभु श्रीराम ने किया मईया सीता का वरण…

आजमगढ़। श्रीरामलीला समिति पुरानी कोतवाली के तत्वाधान में चल रही श्री रामलीला में शुक्रवार की रात राम विवाह-कलेवा और सीता विदाई का जीवंत मंचन हुआ। श्रीराम और सीता के विवाह के दौरान दर्शकों द्वारा लगाए जा रहे जयकारे से क्षेत्र गूंज उठा। वहीं, सीता विदाई का दृश्य देख लोग भावविभोर हो गए। श्री नरसिंह रामलीला समाज जनकरपुर बिहार से आए कलाकारों ने राम जीवंत मंचन किया।

श्रीरामलीला मंचन में सीता स्वयंवर के बाद राजा जनक अपनी पुत्री सीता के विवाह की तैयारियों में जुट जाते हैं। जनकपुर को फूल-मालाओं से सजाया जाता है। बाद में विधि-विधान और परंपरानुसार श्रीराम और सीता जी का विवाह होता है। इस दौरान आकाश से देवी-देवता पुष्पों की वर्षा करते हैं। श्रीराम विवाह में कन्या पक्ष की ओर से अभिषेक जायसावाल दीनू, विनय गुप्ता, शिवप्रसाद और वर पक्ष से समिति के राजेंद्र प्रसाद, स्वतंत्र कुमार गुप्ता एडवोकेट, श्रीचंद, सुरेश केशरी ने विवाह संपन्न कराया।

वहीं, विवाह के दौरान विवाह की पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति कर कलाकारों ने दर्शकों का मनमोह लिया। बाद में अयोध्या से आए बारातियोें को स्वादिष्ट भोजन कराया गया। इससे बाराती गदगद हो उठे। विवाह संपन्न होने पर कलाकारों ने विदाई का मंचन किया। जिसमें राजा जनक अपनी पुत्री सीता जी की विदाई करते हैं। इस दृश्य को देख सभी के आंखों से आंसू छलक जाते हैं। रामलीला के दौरान बीच-बीच में जय श्रीराम के लगाए जा रहे गगनभेदी जयकारे से पूरा क्षेत्र राममय हो गया। कार्यक्रम का संचालन समिति के संयोजक विभाष सिन्हा ने किया। वहीं रामलीला में उमड़ रही लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने में समिति के समिति के कार्यकर्ता लगे थे।
प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत
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