पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि: गणेश चतुर्थी

संकष्टी का अर्थ है संकट को हरने वाली चतुर्थी. इस दिन विघ्नहर्ता  गणेश जी का पूजन किया जाता है. हर महीने दो दिन चतुर्थी तिथि पड़ती है. जिन्हें भगवान श्री गणेश की तिथि माना जाता है. अमावस्या के बाद आने वाली शुक्लपक्ष की तिथि विनायक चतुर्थी तथा पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्णपक्ष की तिथि संकष्टी चतुर्थी कहलाती है. इन दोनों ही तिथियों पर भगवान गणेश की पूजा अर्चना करके बड़े से बड़े संकट को टाला जा सकता है. इस बार संकष्ट चतुर्थी 22 मई को पड़ रही है.

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