अपनी समस्याए लेकर भक्त पहुचें नागा साधुओं के पास लेने उनका आशीर्वाद

आज के समय की समस्या की बात करें तो धन की कमी, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी, बाहरी बला, शारीरिक और संसार की परेशानी जैसी समस्याओं को लेकर नागा साधुओं के सामने भक्तों का ताता लगा रहता हैं. ये ऐसी समस्या है जो नागा साधुओं के पास सबसे अधिक आ रही है. वहीं, ग्वारीघाट स्थित गीताधाम के सामने चल रहे नर्मदा गो कुंभ में कई अखाड़ों के नागा साधु अपनी धूनी रमाए बैठे हुए हैं. हर इंसान आशीर्वाद में यह चाहता हैं कि उन्हें हर सुख सुविधाएं मिले.

लोगों से जब ये साधु दुख-दर्द पूछते हैं तो युवा से लेकर बड़े अपनी समस्या बताने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं. नागा साधु भी भक्त के माथे पर भस्म लगाकर आशीर्वाद देकर बोल बम का जयघोष करते हैं. बीते बुधवार को यहां सुबह से शाम तक ऐसे नजारे दिखाई दिए हैं. यहां करीबन सौ से अधिक नागा साधु साधना कर रहे हैं. आप सभी जानते हैं कि नागा साधु तप और साधना के लिए पहचाने जाते हैं. हमारा सनातन धर्म यह मानते हैं कि इनका आशीर्वाद मिलने से दुख-दर्द दूर होते हैं. परन्तु इन साधुओं का कहना है कि वो भक्तों की प्रार्थना भगवान तक पहुंचाते हैं. वो कुछ नहीं करते, भगवान सभी का साथ देता हैं.

श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के जमातिया महंत नागा चंदन गिरी झूले पर एक पैर से खड़े हैं. वे 25 से साधना कर रहे हैं. वहीं, वे ग्राम मोहतरा सिहोरा के रहने वाले हैं. उन्होंने बताया है कि हमारे पास जो भक्त आते हैं हम उनकी समस्या सुनकर उपाय बताते हैं, समस्या तो भगवान ही दूर करते हैं. इसी प्रकार हरिद्वार के महंत कुलदीप गिरि (40) जब 8 वर्ष के थे तब से साधना कर रहे हैं. उन्होंने यह बताया हैं कि युवा नौकरी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं तो कुछ सांसारिक परेशानियों से निजाद पाने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.

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