सभी तरह के अशुभ प्रभावों को समाप्त कर सकता है नमक, जानिए उपाय…

नमक केवल खाने को ही स्वादिष्ट नहीं बनाता, बल्कि ये आपके घर की नेगेटिव एनर्जी एवं वास्तु दोष को समाप्त करने में भी बहुत कारगर है। विभिन्न ज्योतिष विशेषज्ञों की मानें तो नमक में अदभुत पावर होती है। इसे शुक्र एवं चंद्र का प्रतिनिधि माना जाता है। नमक आपके घर में राहु-केतु के अशुभ असर को भी बड़ी सरलता से दूर कर सकता है। साथ ही घर में पॉजिटिव एनर्जी का संचार करके सुख समृद्धि ला सकता है। यहां जानिए नमक के कुछ ऐसे उपाय जो आपके घर में खुशहाली लाने का कार्य करेंगे।

1. घर में यदि वास्तुदोष है तो नमक को एक कांच की कटोरी में भरकर टॉयलेट एवं वॉशरूम में रख दें। नमक तथा कांच दोनों ही राहु की चीजें मानी जाती हैं। ऐसा करने से राहु-केतु के अशुभ असर समाप्त होने के साथ वास्तु दोष भी समाप्त होगा।

2. अगर साबुत नमक के टुकड़ों को लाल रंग के वस्त्र में पोटली बनाकर घर के मुख्य गेट पर लटका दिया जाए तो नेगेटिव पावर घर में प्रवेश नहीं करतीं। वहीं यदि इसे कार्यालय के द्वार पर लटकाया जाए तो तरक्की के मार्ग खुलते हैं तथा तिजोरी में लटकाया जाए तो धन का आभाव नहीं रहता।

3. हफ्ते में एक बार परिवार के सभी सदस्य नमक मिले पानी से स्नान करें तो बुरी नजर से बचाव होता है, साथ ही स्वास्थ्य ठीक होता है।

4. बृहस्पतिवार को छोड़कर हफ्ते के प्रत्येक दिन नमक को पानी में डालकर घर में पोंछा लगवाएं। इससे सूक्ष्म कीटाणु समाप्त होंगे तथा घर की नकारात्मकता दूर होगी। साथ ही राहु केतु के अशुभ असर भी समाप्त होंगे।

5. अगर घर में किसी को बुरी नजर लगी है तो एक चुटकी नमक लेकर उनके उपर से तीन बार वार दें। फिर या तो बाहर फेंक दें या पानी में बहा दें। इससे नजर उतर जाएगी।

6. अगर राहु-केतु की दशा चल रही है, मन में अक्सर बुरे ख्याल आते हों तो कांच के बर्तन में नमक भरकर किसी कोने में रख दें। इससे बहुत प्रभाव पड़ेगा।

7. रात को सोते वक़्त पैरों को नमक के पानी से अच्छी प्रकार साफ करने से तनाव दूर होता है तथा मन शांत होता है।

हरिद्वार कुंभ 2021ः कल्पवास के दौरान मनुष्य रूप में देवता करते हैं हरि कीर्तन
जानिए आखिर क्यों भगवान शिव धारण करते हैं अपने गले में मुंडमाला, पढ़े कथा

Check Also

शनिदेव: भाग्यदेवता को यंत्र से करें खुश, शनि का यंत्र है अत्यंत फलदायी

शनिदेव के उपायों में तेल तिलहन का दान, रत्नों का धारण एवं मंत्र जाप प्रमुखता …