पढ़ें घटस्थापना का सही समय, जो आपकी साधना को बना सकता है सफल

घटस्थापना के साथ ही नौ दिनों तक चलने वाली देवी साधना की विधिवत शुरुआत मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सही मुहूर्त में की गई घटस्थापना साधना को सफल और फलदायी बनाती है। माघ नवरात्र में यह प्रक्रिया विशेष रूप से साधना प्रधान मानी जाती है, इसलिए इसके नियम और समय को लेकर विशेष सावधानी बरती जाती है।

माघ नवरात्र में घट स्थापना का धार्मिक महत्व
घटस्थापना को देवी शक्ति के आवाहन का प्रतीक माना गया है। कलश को ब्रह्मांड का प्रतीक कहा गया है, जिसमें जल, पंच तत्व और देवी की चेतना का वास माना जाता है। माघ नवरात्र के दौरान घटस्थापना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि यह नवरात्र गुप्त साधना से जुड़ा होता है।

मान्यता है कि घटस्थापना के माध्यम से साधक देवी को अपने जीवन और साधना स्थल में आमंत्रित करता है। यही कारण है कि इसे केवल एक कर्मकांड नहीं, बल्कि साधना का आधार माना गया है। इस प्रक्रिया में शुद्धता, श्रद्धा और नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक बताया गया है।

घटस्थापना का शुभ समय कैसे तय होता है
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार घटस्थापना प्रतिपदा तिथि में की जाती है। माघ नवरात्र में घटस्थापना के लिए सूर्योदय के बाद का समय शुभ माना गया है। विशेष रूप से अभिजीत मुहूर्त या प्रतिपदा के शुभ काल में घटस्थापना करने की परंपरा है।

यह भी माना जाता है कि रात्रि काल में घटस्थापना से बचना चाहिए। पंचांग में तिथि, नक्षत्र और योग को ध्यान में रखकर शुभ समय का निर्धारण किया जाता है। गुप्त नवरात्र साधना प्रधान होने के कारण साधक प्रायः गुरु या पंचांग के मार्गदर्शन में मुहूर्त का चयन करते हैं।

घटस्थापना की विधि और आवश्यक सावधानियां
घटस्थापना के लिए मिट्टी या धातु के स्वच्छ कलश का प्रयोग किया जाता है।
कलश में शुद्ध जल भरकर उसमें आम या अशोक के पत्ते स्थापित किए जाते हैं।
कलश के ऊपर नारियल रखकर उसे देवी शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
कलश के नीचे जौ बोने की परंपरा है, जिसे साधना की वृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है।
घटस्थापना के लिए स्थान का स्वच्छ और शांत होना आवश्यक माना गया है।
साधक को सात्विक वस्त्र धारण करने और शुद्ध मन से विधि करने की सलाह दी जाती है।
माघ नवरात्र में घट स्थापना प्रायः मौन और एकाग्रता के साथ की जाती है।
इस प्रक्रिया को साधना के लिए अनुकूल वातावरण बनाने का आधार माना जाता है।

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